January 12, 2026

ऋषिकेश में दोस्त ने दोस्त की चाकू से की निर्मम हत्या, इलाके में तनाव

ऋषिकेश में दोस्त ने दोस्त की चाकू से की निर्मम हत्या, इलाके में दहशत
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ऋषिकेश, 26 अक्टूबर 2025: मुनिकीरेती ढालवाला क्षेत्र में देर रात हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। 28 वर्षीय अजेंद्र कंडारी की हत्या उनके ही दोस्त और पड़ोसी अक्षय ठाकुर ने चाकू से कर दी। पुलिस के अनुसार यह घटना शराब के ठेके के पास हुई, जहाँ दोनों दोस्तों ने शराब पी और किसी मामूली विवाद ने भयावह रूप ले लिया। इस मामले ने स्थानीय लोगों में गहरी चिंता और नाराजगी पैदा कर दी है।

मुनिकीरेती थाना पुलिस ने बताया कि मृतक अजेंद्र कंडारी शीशम झाड़ी के निवासी थे। देर रात वह शराब के ठेके पर पहुँचे और उनके साथ अक्षय ठाकुर भी मौजूद थे। दोनों ने साथ में शराब का सेवन किया। शराब के नशे और किसी बात को लेकर हुई बहस इतनी बढ़ गई कि अचानक अक्षय ने ठेके से चाकू उठाकर अजेंद्र के सीने में कई बार वार कर दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, वार इतने भयानक थे कि आसपास खड़े लोग भी घटना को रोक नहीं पाए।

अजेंद्र को लहूलुहान हालत में पास के प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए एम्स रेफर किया। एम्स पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में अड़ंगा डालते हुए उन्होंने शव को तुरंत ना लेने की जिद की। कई बार समझाने के बाद शव को सील कर मोर्चरी में रखा गया


इस घटना ने पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मौके पर पहुंचे नरेंद्र नगर के पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत ने शराब की दुकानों और आसपास की गतिविधियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि खारा स्रोत स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान के कारण इलाके में अपराध लगातार बढ़ रहा है। उनके अनुसार, इस क्षेत्र में पहले भी कई गंभीर वारदातें हो चुकी हैं। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई और शराब की दुकान को बंद करने की मांग की।

पुलिस ने बताया कि अजेंद्र कंडारी कबूतर पालन का शौक रखते थे और शांत स्वभाव के व्यक्ति थे। उनके परिवार और मित्र इस घटना से सदमे में हैं। इंस्पेक्टर प्रदीप चौहान ने बताया कि परिजनों की ओर से तहरीर मिलने के बाद ही इस मामले में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। आरोपी अक्षय ठाकुर की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह पता चलेगा कि शरीर पर कितने वार किए गए।

  • शराब की दुकानों और ठेलियों के कारण इलाके में अवैध शराब सेवन और हिंसा बढ़ी है

  • इलाके में पहले भी कई बड़े अपराध और विवाद हो चुके हैं

  • पुलिस ने पहले भी चालानी कार्रवाई की, लेकिन स्थिति नियंत्रण से बाहर रही

  • प्रशासन को निगरानी और सुरक्षा बढ़ाने की आवश्यकता


स्थानीय लोगों के अनुसार, खारा स्रोत क्षेत्र में शराब की दुकानों के आसपास सैकड़ों रेड़ी और ठेली लगी हैं, जहाँ खाने-पीने की सामग्री बेची जाती है। लोग इन ठेलियों के पास बैठकर अवैध रूप से शराब पीते हैं और अक्सर हंगामा करते हैं। कई बार छोटे विवाद बड़े और हिंसक रूप ले लेते हैं। इस क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी की कमी को लेकर स्थानीय लोग लंबे समय से प्रशासन से शिकायत कर रहे हैं।

पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत ने कहा कि शराब की दुकानों के आसपास सुरक्षा और निगरानी बढ़ाना अब अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि इलाके में लगातार अपराध बढ़ रहा है और इसे रोकने के लिए प्रशासन को कठोर कदम उठाने होंगे। उन्होंने शराब की दुकानों के पास निगरानी कैमरे, रात में पुलिस की पैट्रोलिंग और सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाने की मांग की।

  • शराब और व्यक्तिगत विवाद मिलकर जानलेवा स्थितियाँ पैदा कर सकते हैं

  • युवाओं में जागरूकता और जिम्मेदारी की कमी हिंसा बढ़ाती है

  • प्रशासन से आग्रह कि इलाके में सख्त निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित की जाए


सामाजिक विशेषज्ञों ने कहा कि शराब का अत्यधिक सेवन और विवाद की स्थिति युवाओं के जीवन पर गंभीर असर डाल सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर समाज में जागरूकता नहीं बढ़ाई गई और युवाओं में जिम्मेदारी की भावना नहीं पैदा की गई, तो छोटे-छोटे विवाद भी जानलेवा बन सकते हैं। इस घटना में भी दोस्ती और शराब के बीच का मामूली विवाद भयावह परिणाम लेकर आया।

पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए इलाके में नियमित निगरानी, पुलिस पैट्रोलिंग और जागरूकता अभियान शुरू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि शराब के ठेकों और आसपास की ठेलियों पर नियमों का उल्लंघन रोकना प्राथमिकता होगी।


  • घटना ने कानून और व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं

  • प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में किसी और युवक का जीवन खतरे में न पड़े

  • स्थानीय लोग और परिवार चाहते हैं कि अभियुक्त की गिरफ्तारी और न्याय प्रक्रिया शीघ्र और सख्ती से पूरी हो

  • शराब के दुरुपयोग और अव्यवस्थित ठेलियों पर नियंत्रण जरूरी है


इस दर्दनाक घटना ने यह भी उजागर किया कि मित्रता, शराब और अनियंत्रित परिस्थितियाँ मिलकर कितनी भयावह स्थिति पैदा कर सकती हैं। स्थानीय लोग चाहते हैं कि प्रशासन सख्त और पारदर्शी कार्रवाई करे ताकि भविष्य में कोई और युवक इस तरह की हिंसा का शिकार न बने।

कुल मिलाकर, यह मामला केवल एक व्यक्तिगत हत्या का मामला नहीं है, बल्कि समाज में शराब, युवा व्यवहार और सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। यह घटना प्रशासन और समाज दोनों के लिए चेतावनी है कि यदि पर्याप्त निगरानी और शिक्षा नहीं दी गई, तो व्यक्तिगत विवाद भी जानलेवा रूप ले सकते हैं।

उत्तराखंड की कानून व्यवस्था, सुरक्षा उपाय और सामाजिक जागरूकता के लिए यह घटना एक चेतावनी और सबक दोनों है। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति ऐसी हिंसा का शिकार न बने और स्थानीय नागरिक सुरक्षित महसूस करें।