पाकिस्तान को धूल चटाने वाला रूसी S-400 सिस्टम, भारत की ढाल बना – पश्चिमी देशों की मीडिया में मची हलचल

पाकिस्तान को धूल चटाने वाला रूसी S-400 सिस्टम, भारत की ढाल बना – पश्चिमी देशों की मीडिया में मची हलचल
✍️ विशेष रिपोर्ट: भारत में S-400 की सफलता से परेशान पश्चिमी मीडिया, पाकिस्तान के खिलाफ कमाल का प्रदर्शन
यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस के अत्याधुनिक S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को पश्चिमी देशों की मीडिया ने बदनाम करने की पूरी कोशिश की। S-400 को “नाकाम”, “पुराना” और “अप्रभावी” बताने की मुहिम चलाई गई। लेकिन अब यह वही S-400 सिस्टम है, जिसने पाकिस्तान के खिलाफ अपने अद्वितीय प्रदर्शन से सबको चौंका दिया है। इससे न केवल भारत को सामरिक बढ़त मिली, बल्कि पश्चिमी देशों की मीडिया को भी झटका लगा है।
पाकिस्तान के खिलाफ S-400 की जबरदस्त कामयाबी
यूरेशियन टाइम्स की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की ओर से दागी गई लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें, क्रूज मिसाइलें और विनाशकारी ड्रोन – सभी को S-400 ने बेहद सटीकता से हवा में ही नष्ट कर दिया।
इन हमलों का लक्ष्य भारत के सैन्य ठिकाने और सामरिक इन्फ्रास्ट्रक्चर था, लेकिन S-400 के चलते भारत को गंभीर नुकसान से बचा लिया गया। यह सिस्टम आज भारत की हवाई सुरक्षा की रीढ़ बन चुका है।
भारत ने दिखाया आत्मविश्वास, अमेरिका की धमकी को किया नजरअंदाज
भारत ने रूस से 5.4 अरब डॉलर की लागत से S-400 के 5 यूनिट खरीदने का ऐतिहासिक सौदा किया था।
अब तक रूस ने 3 S-400 यूनिट्स भारत को डिलीवर कर दिए हैं
शेष 2 यूनिट्स की डिलीवरी जल्द होने की संभावना है
इस सौदे के चलते अमेरिका ने भारत को CAATSA (Countering America’s Adversaries Through Sanctions Act) के तहत प्रतिबंध लगाने की धमकी दी थी। लेकिन भारत ने स्वतंत्र विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकता के तहत पीछे हटने से इनकार कर दिया।
📌पश्चिमी मीडिया की दोहरी नीति
यूक्रेन युद्ध में रूस की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए पश्चिमी मीडिया ने S-400 जैसे सिस्टम की क्षमताओं पर सवाल उठाए। लेकिन जैसे ही भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ इस सिस्टम का प्रभावशाली उपयोग किया, वही मीडिया अब सन्न है और खामोश है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह भी एक कारण है कि कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया पाकिस्तान के पक्ष में दिखने लगी है, ताकि भारत की सैन्य उपलब्धियों को नजरअंदाज किया जा सके।
S-400 बना भारत की अजेय रक्षा ढाल
पाकिस्तान की ओर से हुई किसी भी मिसाइल या ड्रोन चुनौती के सामने S-400 एक अडिग सुरक्षा कवच बनकर खड़ा रहा
इसके संचालन और ट्रैकिंग क्षमता ने भारतीय वायुसेना को बड़ी राहत दी
यह साबित हो गया कि रूसी हथियार, खासतौर पर S-400, भारत की रक्षा रणनीति के लिए बेहद उपयोगी हैं