मंगलौर में झड़प: ई‑रिक्शा विवाद ने लिया खूनी संघर्ष का रूप; पत्थरबाज़ी और कथित गोलीबारी से हड़कंप

मंगलौर में झड़प: ई‑रिक्शा विवाद ने लिया खूनी संघर्ष का रूप; पत्थरबाज़ी और कथित गोलीबारी से हड़कंप
मंगलौर में झड़प: ई‑रिक्शा विवाद ने लिया खूनी संघर्ष का रूप; पत्थरबाज़ी और कथित गोलीबारी से हड़कंप
स्थान: मंगलौर, हरिद्वार
रिपोर्टर: दैनिक प्रभातवाणी संवाददाता
दिनांक: 22 जुलाई 2025
मुख्य बिंदु:
ई‑रिक्शा की मामूली टक्कर ने लिया हिंसक रूप
दो पक्षों में जमकर मारपीट, पत्थरबाज़ी
कथित गोली चलने की खबर, पुलिस जांच में जुटी
दो युवक घायल, तीन आरोपी हिरासत में
इलाके में भारी पुलिस बल तैनात
घटना का विवरण:
हरिद्वार ज़िले के मंगलौर कस्बे में सोमवार देर शाम एक मामूली ई‑रिक्शा विवाद ने देखते ही देखते सांप्रदायिक तनाव और खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। बताया जा रहा है कि दो पक्षों में ई-रिक्शा की टक्कर के बाद पहले गाली-गलौज हुई, फिर मामला पत्थरबाज़ी और कथित गोलीबारी तक पहुंच गया। घटना में दो युवक घायल हो गए हैं, जिन्हें उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और स्थिति पर नियंत्रण के लिए क्षेत्र में भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात कर दिए गए हैं।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
मंगलौर के बग्गावाला रोड पर सोमवार शाम करीब 6 बजे दो ई‑रिक्शा चालकों के बीच मामूली टक्कर हो गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लापरवाही का आरोप लगाया। टक्कर के बाद स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए और मामला बढ़ता चला गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच कहासुनी और मारपीट शुरू हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, 20–25 लोगों का समूह मौके पर एकत्र हो गया और पत्थरबाज़ी शुरू हो गई। अफरा-तफरी मच गई और दुकानदार अपनी दुकानों के शटर गिराने लगे।
गोली चलने की अफवाह:
स्थानीय लोगों का दावा है कि झड़प के दौरान किसी ने हवा में गोली चलाई। हालांकि, पुलिस ने अभी तक गोली चलने की पुष्टि नहीं की है। क्षेत्राधिकारी (CO) मंगलौर ने बताया कि, “फिलहाल गोली चलने का कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है। लेकिन हम सभी सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयान की जांच कर रहे हैं।“
घायलों की स्थिति:
घटना में घायल दो लोगों की पहचान की गई है —
असलम खान (28) निवासी बग्गावाला रोड
विनीत चौहान (25) निवासी इस्लामनगर
दोनों को मंगलौर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई है। डॉक्टरों के अनुसार, चोटें गंभीर नहीं थीं लेकिन काफी खून बह गया था।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई:
घटना की सूचना मिलते ही मंगलौर थाना पुलिस, PAC बल, और SDM स्तर के अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया और भीड़ को तितर-बितर किया गया।
हरिद्वार के एसपी (ग्रामीण) मनीषा जोशी ने बताया:
“इस मामले में तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। अन्य की पहचान की जा रही है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार गश्त कर रही है।“
कानूनी कार्रवाई:
पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से दर्ज शिकायत के आधार पर धारा 147, 148, 323, 504, 506, और 307 IPC के तहत केस दर्ज किया है।
सोशल मीडिया पर अफवाहों की भरमार:
घटना के बाद कुछ सोशल मीडिया पेजों पर सांप्रदायिक रंग देने की कोशिशें भी देखी गईं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह या भड़काऊ पोस्ट को शेयर न करें और शांति बनाए रखें।
स्थानीय प्रशासन की अपील:
SDM मंगलौर, श्रीमती साक्षी रावत ने जनता से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा:
“हम मामले की निष्पक्ष जांच कर रहे हैं। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही, इलाके में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।“
सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे:
पुलिस द्वारा आसपास के दुकानों और घरों के सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिए गए हैं। फुटेज में कुछ उपद्रवियों की पहचान भी हुई है, जिन्हें जल्द गिरफ्तार किया जा सकता है।
हालात काबू में लेकिन सतर्कता बरकरार:
फिलहाल मंगलौर क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई है, और शांति समितियों की बैठक बुलाई गई है। स्थानीय धार्मिक व सामाजिक नेताओं से भी सहयोग मांगा गया है।
दैनिक प्रभातवाणी :
ई‑रिक्शा जैसी मामूली घटना से उत्पन्न हुआ यह विवाद स्पष्ट करता है कि सामाजिक सौहार्द और संयम की कितनी ज़रूरत है। यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप न किया होता, तो मामला और गंभीर रूप ले सकता था। पुलिस व प्रशासन की मुस्तैदी के चलते अब स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन शांति बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।