January 15, 2026

अल्मोड़ा में खाई में गिरी कार, एक युवक की गई जान खबर कमेंट बॉक्स में

अल्मोड़ा में खाई में गिरी कार, एक युवक की मौत: परिवार में मातम और प्रशासन की प्रतिक्रिया
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 अल्मोड़ा, धौलछीना | दिनांक: 25 अक्टूबर 2025

अल्मोड़ा में खाई में गिरी कार, एक युवक की मौत: परिवार में मातम और प्रशासन की प्रतिक्रिया

अल्मोड़ा जिले के धौलछीना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक भयानक सड़क हादसा हुआ, जिसने इलाके में शोक और हड़कंप मचा दिया। पिथौरागढ़ जिले के बेड़ीनाग से लौट रही एक कार अचानक नियंत्रण खो बैठी और जमराड़ी बैंड के पास लगभग 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। इस दुर्घटना में दूल्हे के पिता जयंत सिंह (65), बहन सीमा (36), भाभी अंकिता (32), और भतीजा समर (10) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, दूल्हे के बड़े भाई मंगल सिंह और अन्य दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।

स्थानीय लोगों और प्रशासन ने हादसे पर शोक व्यक्त किया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। खाई में फंसे लोगों को निकालने के लिए विशेष उपकरणों का उपयोग किया गया। टीम ने घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा।

अल्मोड़ा जिले के धौलछीना क्षेत्र की यह घटना सुरक्षा के लिहाज से एक चेतावनी बन गई है। पहाड़ी मार्ग पर वाहन चलाने की कठिन परिस्थितियों और तेज गति के कारण यह हादसा हुआ। स्थानीय प्रशासन ने कहा कि हादसे के कारणों की गहन जांच की जाएगी और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाएगा।

हादसे के समय कार में कुल सात लोग सवार थे। मृतकों में दूल्हे के परिवार के सदस्य शामिल थे। यह कार पिथौरागढ़ जिले के बेड़ीनाग से शादी समारोह से लौट रही थी। हादसे ने पूरे इलाके में शोक की लहर फैला दी है और स्थानीय लोग हादसे के कारण सुरक्षा उपायों को और सख्त करने की मांग कर रहे हैं।

स्थानीय पुलिस ने बताया कि हादसा तेज गति और वाहन पर नियंत्रण खोने के कारण हुआ। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे पहाड़ी मार्गों पर हमेशा सतर्क रहें और सड़क नियमों का पालन करें। अधिकारियों ने कहा कि आगामी समय में इस मार्ग पर विशेष सतर्कता बरती जाएगी और आवश्यक सुधार किए जाएंगे।

एसडीआरएफ टीम ने बताया कि खाई में वाहन गिरने के बाद बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण था। टीम ने अपने अनुभव और तकनीकी उपकरणों का उपयोग करके घायल लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। उन्होंने कहा कि समय पर पहुंचने और सही कदम उठाने से और अधिक जानों को बचाया जा सका।

स्थानीय लोग हादसे के बाद से सदमे में हैं। कई लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस और एसडीआरएफ टीम की मदद की। पड़ोसी और ग्रामीण राहत कार्य में शामिल हुए और घायलों को अस्पताल तक पहुँचाने में सहायता की। लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और शोक संतप्त परिवार के साथ खड़े होने का भरोसा दिया।

अल्मोड़ा जिले के प्रशासन ने सड़क सुरक्षा को लेकर नए उपायों की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस मार्ग पर आगे से वाहन चालकों के लिए चेतावनी संकेत और रुक-रुक कर वाहन चलाने के निर्देश लगाए जाएंगे। इसके अलावा, सड़क किनारे रेलिंग और सुरक्षा नेट लगाने की योजना बनाई जा रही है ताकि ऐसे हादसों की संभावना को कम किया जा सके।

इस हादसे ने क्षेत्र के नागरिकों में भय और चिंता पैदा कर दी है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या पहाड़ी मार्गों पर सुरक्षा उपाय पर्याप्त हैं और क्या सड़क निर्माण में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है। प्रशासन ने नागरिकों को आश्वासन दिया कि वे जल्द ही आवश्यक सुधार करेंगे और भविष्य में इस मार्ग को सुरक्षित बनाएंगे।

स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने भी इस हादसे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अस्पतालों को सतर्क रहने और आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। घायल लोगों का उपचार प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है और सभी आवश्यक दवाइयां और उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।

हादसे ने राज्य के सड़क सुरक्षा विषय पर बहस भी शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं की उच्च दर को देखते हुए सरकार को अधिक सख्त कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वाहन चालकों के लिए नियमित प्रशिक्षण, सड़क संकेतों का अनुपालन, और समय-समय पर सड़क निरीक्षण महत्वपूर्ण है।

स्थानीय मीडिया ने हादसे की तस्वीरें और वीडियो प्रसारित किए, जिससे हादसे की भयावहता और गंभीरता स्पष्ट हुई। लोग सोशल मीडिया पर भी घटना के बारे में चर्चा कर रहे हैं और सड़क सुरक्षा के लिए जागरूकता बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।

इस हादसे ने अल्मोड़ा और आसपास के जिलों में यातायात और सुरक्षा उपायों पर ध्यान केंद्रित कर दिया है। प्रशासन ने कहा कि इस मार्ग पर आने वाले सभी वाहन चालकों से अनुरोध किया गया है कि वे सतर्क रहें और आवश्यक सावधानी बरतें।

स्थानीय नेताओं ने भी हादसे पर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने परिवार के प्रति शोक व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार इस प्रकार के हादसों को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

अल्मोड़ा के लोग इस हादसे से गहरे सदमे में हैं। हादसे के बाद से कई लोग घटनास्थल पर पहुंचे और प्रशासन के साथ सहयोग किया। उन्होंने कहा कि पहाड़ी मार्गों पर सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की जरूरत है।

इस हादसे ने पूरे राज्य में सड़क सुरक्षा पर एक बार फिर से ध्यान खींचा है। अधिकारी और नागरिक दोनों ही इस मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं और बेहतर सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं।

अंततः, यह हादसा हमें यह याद दिलाता है कि पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करते समय सतर्क रहना आवश्यक है। तेज गति, सड़क की स्थिति और वाहन नियंत्रण की अनदेखी से जान गंवाने का खतरा हमेशा बना रहता है। प्रशासन और नागरिकों के सहयोग से ही ऐसे हादसों को रोका जा सकता है और सड़कें सुरक्षित बनाई जा सकती हैं।