उत्तराखंड को रेल विकास की रफ्तार: केंद्र से 26 गुना बढ़ा बजट, ₹1.39 लाख करोड़ की परियोजनाओं पर काम तेज
ajaysemalty98 February 5, 2026
दैनिक प्रभातवाणी | विशेष रिपोर्ट
दैनिक प्रभातवाणी |देहरादून | 5 फरवरी 2026
प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी को नई गति देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने उत्तराखंड के लिए इस वित्त वर्ष में ऐतिहासिक फैसला लिया है। राज्य को रेल सेवाओं और आधारभूत ढांचे के विकास के लिए पिछले वर्षों की तुलना में लगभग 26 गुना अधिक बजट आवंटित किया गया है। इस बढ़े हुए बजट के साथ उत्तराखंड में ₹1.39 लाख करोड़ से अधिक की रेल परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है, जो आने वाले वर्षों में राज्य की भौगोलिक, आर्थिक और सामाजिक तस्वीर बदलने की क्षमता रखता है।
केंद्र सरकार का यह कदम केवल बजटीय वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध उत्तराखंड के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों के बीच बेहतर और भरोसेमंद कनेक्टिविटी से जुड़ा है। लंबे समय से यह मांग उठती रही है कि पहाड़ों तक रेल पहुंचने से न केवल आम नागरिकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि पर्यटन, व्यापार और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भी बड़ा सुधार होगा। अब बढ़े हुए बजट के साथ इन योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की दिशा में ठोस प्रयास शुरू हो चुके हैं।
राज्य में जिन प्रमुख रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है, उनमें ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन को सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह परियोजना पहाड़ी इलाकों को सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है। इसके पूरा होने के बाद चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा। साथ ही, सड़क मार्ग पर बढ़ते दबाव को भी कम किया जा सकेगा, जिससे दुर्घटनाओं और पर्यावरणीय नुकसान की आशंका घटेगी।
इसके अलावा टनकपुर-बागेश्वर, देहरादून-सहारनपुर और अन्य प्रस्तावित रेल लाइनों पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य सीमावर्ती और दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ना है, ताकि वहां रहने वाले लोगों को रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच मिल सके। रेल नेटवर्क के विस्तार से स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में भी मदद मिलेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
रेल बजट में हुई यह अभूतपूर्व वृद्धि राज्य के औद्योगिक विकास के लिए भी अहम मानी जा रही है। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और उत्तराखंड में नए उद्योगों की स्थापना की संभावनाएं मजबूत होंगी। खासतौर पर लॉजिस्टिक्स, पर्यटन, खाद्य प्रसंस्करण और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इससे युवाओं को अपने ही राज्य में रोजगार मिलने के रास्ते खुल सकते हैं, जो लंबे समय से पलायन की समस्या से जूझ रहा है।
सरकार का यह भी मानना है कि मजबूत रेल नेटवर्क आपदा के समय राहत और बचाव कार्यों में अहम भूमिका निभा सकता है। उत्तराखंड भूकंप, भूस्खलन और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील राज्य है। ऐसे में रेल मार्गों के जरिए आवश्यक सामग्री, राहत दल और उपकरणों को तेजी से प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाया जा सकता है। यह पहल राज्य की आपदा प्रबंधन क्षमता को भी सुदृढ़ करेगी।
राज्य सरकार ने केंद्र के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि वह सभी परियोजनाओं के क्रियान्वयन में पूर्ण सहयोग करेगी। भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय स्वीकृतियों और स्थानीय स्तर पर समन्वय के मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने का आश्वासन भी दिया गया है, ताकि किसी भी परियोजना में अनावश्यक देरी न हो। सरकार का लक्ष्य है कि तय समयसीमा में काम पूरा हो और जनता को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।
कुल मिलाकर, उत्तराखंड के लिए यह रेल बजट और विकास परियोजनाएं केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह राज्य के समग्र विकास की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार कर रही हैं। पहाड़ों और मैदानों के बीच दूरी कम करने वाला यह प्रयास आने वाले समय में उत्तराखंड को आर्थिक, सामाजिक और रणनीतिक रूप से और अधिक सशक्त बना सकता है। दैनिक प्रभातवाणी इन परियोजनाओं की प्रगति और उनके प्रभावों पर लगातार नजर बनाए रखेगा।