उत्तराखंड नकल गिरोह का बड़ा खुलासा: हाकम सिंह और सहयोगी पंकज गौड़ देहरादून से गिरफ्तार
ajaysemalty98 September 20, 2025उत्तराखंड नकल गिरोह का बड़ा खुलासा: हाकम सिंह और सहयोगी पंकज गौड़ देहरादून से गिरफ्तार
देहरादून, 20 सितम्बर। उत्तराखंड की प्रतियोगी परीक्षाओं को लगातार प्रभावित कर रहे नकल माफिया पर पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। राज्य के चर्चित नकल गिरोह का सरगना माने जाने वाला हाकम सिंह और उसका सहयोगी पंकज गौड़ देहरादून पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। यह कार्रवाई तब की गई जब गोपनीय सूचना मिली कि दोनों आरोपी आगामी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों से भारी रकम लेकर पास कराने की योजना बना रहे हैं।
देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र से पकड़े गए इन दोनों आरोपियों पर उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम) अध्यादेश 2023 के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, हाकम सिंह और पंकज गौड़ लंबे समय से परीक्षार्थियों को यह विश्वास दिला रहे थे कि वे पेपर लीक कराने और परीक्षा पास कराने की व्यवस्था कर सकते हैं। इसके एवज में वे अभ्यर्थियों से 12 से 15 लाख रुपये तक की भारी-भरकम रकम वसूलते थे। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि यदि कोई अभ्यर्थी परीक्षा में सफल नहीं होता तो आरोपी उसे अगली भर्ती में “एडजस्टमेंट” का झांसा देकर ठगी को आगे बढ़ाते थे।
पुलिस ने बताया कि इस गिरोह की गतिविधियों पर लंबे समय से नजर रखी जा रही थी। मुखबिर से मिली पुख्ता जानकारी के बाद एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर दोनों को दबोच लिया। तलाशी के दौरान कई संदिग्ध दस्तावेज, मोबाइल फोन और अभ्यर्थियों के संपर्क विवरण भी बरामद किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि बरामद सामग्रियों की फॉरेंसिक जांच की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितने अभ्यर्थियों को इस गिरोह ने अब तक अपने जाल में फंसाया है।
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में हाकम सिंह ने खुद को बेगुनाह बताते हुए कहा कि वह केवल “सहायता” कर रहा था, जबकि पुलिस का दावा है कि आरोपी ने पूर्व में भी कई प्रतियोगी परीक्षाओं को प्रभावित करने की कोशिश की है। पंकज गौड़ की भूमिका भी बेहद अहम बताई जा रही है। वह अभ्यर्थियों और गिरोह के बीच संपर्क साधने का काम करता था।
राज्य पुलिस और एसटीएफ ने संकेत दिए हैं कि इस मामले की तह तक जाने के लिए अन्य लोगों को भी पूछताछ के दायरे में लाया जाएगा। अब तक की जांच से यह स्पष्ट है कि यह नेटवर्क केवल देहरादून तक सीमित नहीं था, बल्कि कई जिलों में इसकी जड़ें फैली हुई हैं। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों से मिली जानकारियों के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तराखंड में भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी लगातार हो रही धांधलियों ने अभ्यर्थियों का भरोसा डगमगा दिया है। ऐसे में हाकम सिंह जैसे सरगनाओं की गिरफ्तारी राज्य सरकार के लिए बड़ी राहत है, लेकिन असली चुनौती इस पूरे नेटवर्क को तोड़ने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की है।