March 1, 2026

उत्तराखंड में भारी बर्फबारी का कहर, 80 से अधिक लोगों का रेस्क्यू, कई जिलों में हिमस्खलन अलर्ट

उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में भारी बर्फबारी, SDRF बचाव टीम लोगों को सुरक्षित निकाल रही है, बंद सड़कें और बर्फ से ढके पहाड़ दिखाई दे रहे हैं।

उत्तराखंड के ऊँचाई वाले जिलों में बर्फबारी के दौरान SDRF की टीम फँसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचा रही है। प्रशासन ने हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है।

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उत्तराखंड | दैनिक प्रभातवाणी | 25 जनवरी 2026

उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में भारी बर्फबारी ने जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल, नैनीताल, बागेश्वर, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में ऊँचाई वाले इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी के कारण सड़कें बंद हो गई हैं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। कई स्थानों पर स्थानीय लोग, पर्यटक और तीर्थयात्री फँस गए हैं, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) ने बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चलाया।

एसडीआरएफ की टीमों ने उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल और नैनीताल जिलों में लगभग 80 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया। अभियान के दौरान बर्फबारी, तेज ठंडी हवाओं और फिसलन जैसी कठिनाइयों के बावजूद राहत कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की। राहत कार्य के दौरान फँसे हुए लोगों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित क्षेत्रों में पहुँचाया गया और उन्हें भोजन और गर्म पेय उपलब्ध कराया गया।

बागेश्वर जिले में भारी बर्फबारी का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा है। कई इलाकों में बिजली कट गई, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को ठंड और अंधेरे का सामना करना पड़ा। प्रशासन और विद्युत विभाग की टीमों ने बिजली बहाल करने के प्रयास तेज कर दिए हैं, लेकिन लगातार गिरती बर्फ के कारण काम में बाधा आ रही है।

नैनीताल जिले में पर्यटन गतिविधियाँ भी प्रभावित हुई हैं। नैनीताल, भवाली और मुक्तेश्वर के पर्यटक रास्तों में फँस गए, जिन्हें पुलिस और एसडीआरएफ की मदद से सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया गया। कई सड़कों पर यातायात रोक दिया गया ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

मौसम विभाग ने बागेश्वर, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों के ऊँचाई वाले क्षेत्रों में अगले 24 घंटे के लिए हिमस्खलन चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।

चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में भी बर्फबारी ने स्थिति गंभीर बना दी है। बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब और आसपास के ऊँचे इलाकों में बर्फ की मोटी परत जम गई है, जिससे स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों को मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रशासन ने इन क्षेत्रों में अतिरिक्त राहत टीमें तैनात की हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुँचाई जा सके।

पिथौरागढ़ जिले के सीमावर्ती इलाकों में बर्फबारी के कारण कई गाँवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। प्रशासन वैकल्पिक रास्तों को खोलने की कोशिश कर रहा है और जरूरत पड़ने पर सेना और अर्धसैनिक बलों से सहयोग लेने की तैयारी कर रहा है।

राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट रहने और लगातार हालात की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय और आपदा प्रबंधन विभाग हालात पर लगातार नजर रख रहे हैं। सरकार का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी मौसम सामान्य होने की संभावना कम है। पहाड़ी इलाकों में ठंड और बर्फबारी का दौर जारी रहने के कारण स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। प्रशासन और राहत एजेंसियाँ लगातार लोगों की सुरक्षा के लिए सक्रिय हैं। इस बार की बर्फबारी ने दिखा दिया है कि कठिन परिस्थितियों में भी राहत और बचाव कार्य समय पर किए जा सकते हैं।