उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर: भूस्खलन, सड़कें बंद, हादसों में कई जानें गईं

दैनिक प्रभातवाणी | दिनांक : 2 जुलाई 2025
उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर: भूस्खलन, सड़कें बंद, हादसों में कई जानें गईं
देहरादून/टिहरी/चमोली/पौड़ी:
उत्तराखंड में मानसून के आते ही भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। पिछले 48 घंटों से लगातार हो रही बारिश ने जहां एक ओर जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं कई क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क हादसों की भी खबरें सामने आई हैं। प्रशासन ने पर्वतीय जिलों में यात्रा सावधानीपूर्वक करने की सलाह दी है।
मुख्य घटनाएं इस प्रकार हैं:
टिहरी में कांवड़ियों से भरा ट्रक पलटा – 3 मृत, 18 घायल
मंगलवार रात टिहरी में एक ट्रक, जिसमें कांवड़ यात्री सवार थे, तेज बारिश के कारण फिसलकर पलट गया। हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई और 18 घायल हुए। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को निकाला गया, जिनमें एक 4 वर्षीय बच्चा भी सुरक्षित बाहर लाया गया।
भूस्खलन ने रोकी राहें – बद्रीनाथ और यमुनोत्री मार्ग बंद
चमोली और उत्तरकाशी जिलों में लगातार हो रही बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है। बद्रीनाथ हाईवे और यमुनोत्री मार्ग पर मलबा गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित है। BRO और NHAI की टीमें सड़क से मलबा हटाने में लगी हैं।
पौड़ी में कार गिरी खाई में – 2 की मौत, 1 घायल
पौड़ी के बीरोंखाल क्षेत्र में एक कार बारिश के कारण फिसलकर 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। मौके पर ही 2 लोगों की मौत हो गई जबकि एक गंभीर रूप से घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कई गांवों का संपर्क टूटा, नदियां उफान पर
चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों के कई गांवों का संपर्क मुख्य सड़कों से टूट गया है। अलकनंदा, मंदाकिनी और गोरीगंगा नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं।
स्कूलों में छुट्टी, यात्रियों को रोका गया
कुछ जिलों में भारी बारिश को देखते हुए प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर आए यात्रियों से अपील की है कि वे स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
प्रशासन की अपील और तैयारी
जिलाधिकारियों को अलर्ट पर रखा गया है। SDRF, NDRF और पुलिस टीमें संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों से आग्रह किया गया है कि वे नदी किनारे न जाएं और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सतर्क रहें।