उत्तराखंड में मौसम का कहर: कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, प्रशासन सतर्क
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देहरादून। उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। मौसम विभाग ने राज्य के कई पर्वतीय जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर, पिथौरागढ़ सहित कई जिलों में आज तेज बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।

पिछले 24 घंटों के दौरान मसूरी समेत राज्य के अनेक पर्वतीय क्षेत्रों में हुई अच्छी बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया है। लंबे समय से पड़ रही भीषण गर्मी और मैदानी इलाकों में चल रही लू से लोगों को काफी राहत मिली है। तापमान में गिरावट दर्ज होने के कारण लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने का खतरा भी बढ़ गया है।

राज्य आपदा संचालन केंद्र ने सभी जिलों के प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों, विशेष रूप से भूस्खलन संभावित मार्गों, नदी किनारे बसे इलाकों तथा पहाड़ी सड़कों पर निगरानी बढ़ाने को कहा गया है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार यह खराब मौसम केवल अल्पकालिक रहेगा। विभाग का अनुमान है कि 7 जून से मौसम में तेजी से सुधार होगा और 7 से 9 जून तक राज्य में किसी विशेष मौसम चेतावनी की संभावना नहीं है। इस अवधि में अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान जारी किया गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून पूर्व गतिविधियों के कारण उत्तराखंड में इस प्रकार के मौसम परिवर्तन सामान्य हैं, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में इनका प्रभाव अधिक देखने को मिलता है। ऐसे समय में छोटी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

यात्रियों और स्थानीय निवासियों को सलाह दी गई है कि वे भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। यदि यात्रा करना आवश्यक हो तो सड़क और मौसम की ताजा जानकारी प्राप्त करने के बाद ही निकलें। नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें तथा आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों पर खड़े होने से बचें।

राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने कहा है कि किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा नियंत्रण कक्ष से तुरंत संपर्क किया जाए ताकि समय रहते सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

 

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