उत्तराखंड में मौसम का दोहरा मिजाज: पहाड़ों में बारिश, मैदानों में गर्मी ने बढ़ाई चुनौती
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देहरादून। उत्तराखंड में इन दिनों मौसम का अनोखा और दोहरा रूप देखने को मिल रहा है। एक ओर पहाड़ी जिलों में बादलों की आवाजाही, बारिश और ठंडी हवाओं का दौर जारी है, तो दूसरी ओर मैदानी क्षेत्रों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई मैदानी इलाकों में तापमान सामान्य से 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया गया है, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में समय-समय पर बारिश और तेज हवाएं लोगों को गर्मी से राहत दे रही हैं।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस विरोधाभासी मौसम के पीछे पश्चिमी विक्षोभ और उत्तराखंड की भौगोलिक संरचना सबसे बड़े कारण हैं। हिमालयी क्षेत्रों में आने वाले पश्चिमी विक्षोभ नमी लेकर आते हैं, जिससे ऊंचाई वाले इलाकों में बादल बनते हैं और वर्षा होती है। वहीं मैदानी क्षेत्रों में तेज धूप और गर्म सतह के कारण तापमान तेजी से बढ़ जाता है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि जब नमी से भरी हवाएं पहाड़ों से टकराती हैं तो वे ऊपर उठकर ठंडी हो जाती हैं और वर्षा का रूप ले लेती हैं। इसी प्रक्रिया के कारण नैनीताल, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जैसे जिलों में बादल अधिक सक्रिय रहते हैं। दूसरी ओर देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जैसे मैदानी क्षेत्रों में सूर्य की किरणें सीधे पड़ने से जमीन तेजी से गर्म होती है और गर्मी का प्रभाव अधिक महसूस होता है।

मौसम विभाग ने हाल के दिनों में कई पर्वतीय क्षेत्रों के लिए गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की चेतावनी जारी की है। कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है। ऐसे में चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

वैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से पश्चिमी विक्षोभों के स्वरूप में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। हाल के वर्षों में प्री-मानसून सीजन के दौरान इनकी सक्रियता बढ़ी है, जिससे हिमालयी क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल रहा है और अचानक भारी बारिश, भूस्खलन तथा फ्लैश फ्लड जैसी घटनाओं का खतरा भी बढ़ा है।

इस बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून ने देश में अपनी प्रगति शुरू कर दी है और आने वाले दिनों में इसके उत्तर भारत की ओर बढ़ने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ उत्तराखंड में भी बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं, जिससे मैदानी क्षेत्रों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

फिलहाल उत्तराखंड में मौसम का यही दोहरा मिजाज बना हुआ है। पहाड़ों में बादल और बारिश लोगों को राहत दे रहे हैं, जबकि मैदानों में बढ़ती गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। मौसम विभाग ने नागरिकों से नियमित मौसम अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

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