Spread the loveदेहरादून। उत्तराखंड में इन दिनों मौसम का दोहरा स्वरूप देखने को मिल रहा है। एक ओर राज्य के मैदानी जिलों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश और ठंडी हवाओं के चलते मौसम सुहावना बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में भी यह स्थिति बनी रह सकती है। देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर तथा नैनीताल जनपद के मैदानी क्षेत्रों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। कई स्थानों पर अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जो सामान्य तापमान से लगभग पांच डिग्री अधिक दर्ज किया जा रहा है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दिन के समय लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो से तीन दिनों तक गर्मी और बढ़ सकती है तथा लू जैसी परिस्थितियां बनी रह सकती हैं। बढ़ते तापमान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को हीट स्ट्रोक से प्रभावित मरीजों के उपचार के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में विशेष हीट स्ट्रोक वार्ड तैयार रखने को कहा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। वहीं दूसरी ओर उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर सहित ऊंचाई वाले पर्वतीय जिलों में मौसम अपेक्षाकृत राहतभरा बना हुआ है। इन क्षेत्रों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने, गर्जना होने और कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। हल्की वर्षा और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी राहत मिल रही है। चारधाम यात्रा मार्गों और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर मौसम अपेक्षाकृत अनुकूल बना हुआ है। हालांकि मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है, क्योंकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है। मौसम विभाग ने आम जनता से दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, छाता या सिर ढकने का उपयोग करना तथा शरीर में पानी की कमी न होने देना बेहद जरूरी है। लोगों को ओआरएस घोल, नींबू पानी, छाछ और अन्य तरल पदार्थों का नियमित सेवन करने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल मैदानी क्षेत्रों में गर्मी से तत्काल राहत मिलने की संभावना कम है, जबकि पहाड़ी जिलों में हल्की बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में राज्य के लोगों को मौसम के बदलते मिजाज के प्रति सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है। Post Views: 2 Post navigation गंगोत्री-यमुनोत्री में श्रद्धालुओं का सैलाब, 10 लाख का आंकड़ा पार, प्रशासन अलर्ट मोड पर उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू, 7 जुलाई तक अपडेट होगी मतदाता सूची