Spread the loveगैरसैंण। उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र 2026 मंगलवार 10 मार्च को दूसरे दिन भी जारी रहा, लेकिन शाम को कार्यवाही स्थगित कर दी गई। अब सदन की बैठक 11 मार्च की सुबह 11 बजे से फिर से शुरू होगी।बजट सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 111,703.21 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था, जिसमें पिछले साल की तुलना में 10.41 प्रतिशत वृद्धि की गई है। दूसरे दिन की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू हुई। सदन में आर्थिक सर्वेक्षण और कैग रिपोर्ट पेश की गई, और 11 अध्यादेश सदन पटल पर रखे गए।दिनभर सदन में कांग्रेस और भाजपा विधायकों के बीच हंगामे और बहसें जारी रहीं। विशेष रूप से कानून व्यवस्था, पंचायत भवन निर्माण, सड़क और वन्य जीव संघर्ष जैसे मुद्दों पर विपक्ष ने सरकार से जवाब मांगा।सत्र के दौरान 11 नए विधेयक पेश किए गए, जिनमें प्रमुख हैं:देवभूमि परिवार विधेयक-2026: परिवार-आधारित एकीकृत डेटा बेस का निर्माण, जिसमें परिवार की वरिष्ठतम महिला सदस्य को मुखिया के रूप में दर्ज किया जाएगा।उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2026उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक-2026अन्य विधेयक: अल्पसंख्यक आयोग, कारागार और सुधारात्मक सेवाएं, समान नागरिक संहिता समेत कुल 11 विधेयकसत्र के दौरान कांग्रेस ने बजट को दिशाहीन, निराशाजनक और जमीनी सच्चाइयों से कटा हुआ बताया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों की बाजीगरी और पुराने वादों की पुनरावृत्ति भर है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने, रोजगार सृजन और शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र में कोई ठोस रोडमैप नहीं दिया गया है।इस बीच बजट सत्र में सड़क और पंचायत भवन निर्माण सहित कुछ विकास कार्यों की जानकारी भी दी गई। पीडब्ल्यूडी मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि प्रदेश में 7,000 किलोमीटर से अधिक सड़कें गड्डामुक्त हुईं और पिछले चार साल में 819 पंचायत भवनों का निर्माण और पुनर्निर्माण किया गया।मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ‘देवभूमि परिवार विधेयक-2026’ सुशासन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा और इससे राज्य में कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लक्षित और प्रभावी ढंग से पहुंचेगा।सत्र के दौरान हंगामे, विपक्षी सवाल-जवाब और विधेयक पेश करने की प्रक्रिया के बीच सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई और अब बुधवार सुबह से फिर शुरू होगी। Post Views: 10 Post navigationउत्तराखंड की ताज़ा घटनाएं: सड़क हादसे, चोरी, भूस्खलन और ग्रामीण गतिविधियों की अपडेट – 10 मार्च 2026 गैरसैंण बजट सत्र 2026 का तीसरा दिन: नियम 58 की चर्चा समाप्त, राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस शुरू
गैरसैंण। उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र 2026 मंगलवार 10 मार्च को दूसरे दिन भी जारी रहा, लेकिन शाम को कार्यवाही स्थगित कर दी गई। अब सदन की बैठक 11 मार्च की सुबह 11 बजे से फिर से शुरू होगी।बजट सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 111,703.21 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था, जिसमें पिछले साल की तुलना में 10.41 प्रतिशत वृद्धि की गई है। दूसरे दिन की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू हुई। सदन में आर्थिक सर्वेक्षण और कैग रिपोर्ट पेश की गई, और 11 अध्यादेश सदन पटल पर रखे गए।दिनभर सदन में कांग्रेस और भाजपा विधायकों के बीच हंगामे और बहसें जारी रहीं। विशेष रूप से कानून व्यवस्था, पंचायत भवन निर्माण, सड़क और वन्य जीव संघर्ष जैसे मुद्दों पर विपक्ष ने सरकार से जवाब मांगा।सत्र के दौरान 11 नए विधेयक पेश किए गए, जिनमें प्रमुख हैं:देवभूमि परिवार विधेयक-2026: परिवार-आधारित एकीकृत डेटा बेस का निर्माण, जिसमें परिवार की वरिष्ठतम महिला सदस्य को मुखिया के रूप में दर्ज किया जाएगा।उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2026उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक-2026अन्य विधेयक: अल्पसंख्यक आयोग, कारागार और सुधारात्मक सेवाएं, समान नागरिक संहिता समेत कुल 11 विधेयकसत्र के दौरान कांग्रेस ने बजट को दिशाहीन, निराशाजनक और जमीनी सच्चाइयों से कटा हुआ बताया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों की बाजीगरी और पुराने वादों की पुनरावृत्ति भर है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने, रोजगार सृजन और शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र में कोई ठोस रोडमैप नहीं दिया गया है।इस बीच बजट सत्र में सड़क और पंचायत भवन निर्माण सहित कुछ विकास कार्यों की जानकारी भी दी गई। पीडब्ल्यूडी मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि प्रदेश में 7,000 किलोमीटर से अधिक सड़कें गड्डामुक्त हुईं और पिछले चार साल में 819 पंचायत भवनों का निर्माण और पुनर्निर्माण किया गया।मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ‘देवभूमि परिवार विधेयक-2026’ सुशासन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा और इससे राज्य में कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लक्षित और प्रभावी ढंग से पहुंचेगा।सत्र के दौरान हंगामे, विपक्षी सवाल-जवाब और विधेयक पेश करने की प्रक्रिया के बीच सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई और अब बुधवार सुबह से फिर शुरू होगी।