Spread the loveगैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में आयोजित राज्य विधानसभा का बजट सत्र समाप्त हो गया है। सत्र के समापन के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष ने सरकार पर बजट प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कई अहम मुद्दों पर सदन में पर्याप्त चर्चा नहीं कराई गई और विपक्ष की बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया।विधानसभा सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए राज्य का बजट पेश किया गया, जिसमें सरकार ने विकास योजनाओं, बुनियादी ढांचे के विस्तार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। सरकार की ओर से यह दावा किया गया कि बजट राज्य के संतुलित विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि सत्र के समाप्त होते ही विपक्ष ने बजट को लेकर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि यह बजट राज्य की वास्तविक समस्याओं का समाधान नहीं करता।विपक्ष के नेताओं का कहना है कि बजट पेश करने की प्रक्रिया में संसदीय परंपराओं का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सदन में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की मांग की गई थी, लेकिन सरकार ने उसे पर्याप्त समय नहीं दिया। उनका कहना है कि राज्य में लगातार बढ़ रही बेरोजगारी, सरकारी कर्ज का बढ़ता बोझ और सरकारी जमीनों के उपयोग से जुड़े मामलों पर सरकार ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया।सत्र के दौरान बेरोजगारी का मुद्दा सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। विपक्ष ने दावा किया कि राज्य में बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में हैं, लेकिन सरकार ठोस रोजगार नीति लाने में विफल रही है। इसके अलावा राज्य के ऊपर बढ़ते कर्ज को लेकर भी सवाल उठाए गए और सरकार से वित्तीय प्रबंधन को लेकर स्पष्ट रणनीति बताने की मांग की गई।विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य की सरकारी जमीनों के उपयोग और आवंटन को लेकर पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। उनका कहना है कि इस विषय पर सदन में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए थी ताकि जनता के सामने पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके। विपक्ष ने भविष्य में इन मुद्दों को लेकर आंदोलन की चेतावनी भी दी है।दूसरी ओर राज्य सरकार ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया है। सरकार का कहना है कि बजट पूरी तरह पारदर्शी तरीके से पेश किया गया और सदन की प्रक्रिया के अनुसार ही चर्चा हुई। सरकार का दावा है कि राज्य के विकास के लिए कई नई योजनाएं शुरू की जा रही हैं और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बजट सत्र के दौरान उठे मुद्दे आने वाले समय में राज्य की राजनीति को प्रभावित कर सकते हैं। बेरोजगारी, आर्थिक प्रबंधन और भूमि से जुड़े विषय ऐसे मुद्दे हैं जिन पर सरकार और विपक्ष के बीच आने वाले महीनों में भी बहस जारी रहने की संभावना है। Post Views: 3 Post navigationऋषिकेश में अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का भव्य शुभारंभ, देश-विदेश से पहुंचे योग साधक मौसम ने बदली करवट: उत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी, कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट