उत्तराखंड विधानसभा में हंगामेदार मानसून सत्र: अनुपूरक बजट पेश, कांग्रेस का जोरदार विरोध

देहरादून, 20 अगस्त 2025: उत्तराखंड विधानसभा का मानसून सत्र आज विवादों के बीच शुरू हुआ। पहले ही दिन हंगामे के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ₹5,315 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया। बजट पेश करते समय सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई, क्योंकि कांग्रेस के विधायकों ने पंचायत चुनावों में कथित धांधली और प्रशासनिक असंगतियों का मुद्दा उठाया।
सत्र के पहले दिन का माहौल गर्म था। मुख्यमंत्री ने बजट का विवरण देते हुए कहा कि यह अनुपूरक बजट राज्य की विकास परियोजनाओं, स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण क्षेत्र की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि बजट में सभी विकास और कल्याण योजनाओं के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बजट भाषण
मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि यह अनुपूरक बजट विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए है जहाँ मौसम और आपदाओं के कारण विकास कार्यों में अवरोध आया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पंचायत चुनावों के निष्पक्ष संचालन के लिए भी उचित संसाधन सुनिश्चित किए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारा प्रयास है कि उत्तराखंड में विकास और प्रशासनिक दक्षता दोनों को संतुलित रूप से आगे बढ़ाया जाए। इस अनुपूरक बजट के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क निर्माण और जल आपूर्ति जैसी प्राथमिकताओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।”
कांग्रेस विधायकों का विरोध
बजट पेश होने के दौरान कांग्रेस के विधायकों ने सदन में जोरदार विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पंचायत चुनावों में धांधली हुई और सरकार इस पर उचित कार्रवाई नहीं कर रही। कांग्रेस विधायकों ने कहा कि ऐसे मामलों में न्याय और पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है।
विधायकों का आंदोलन इतना तेज़ था कि सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। सभापति को बार-बार सदन को शांत कराने और नियमों के अनुसार बहस सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने पड़े।
बजट का वित्तीय विवरण
अनुपूरक बजट ₹5,315 करोड़ का है, जिसमें प्रमुख आवंटन इस प्रकार हैं:
स्वास्थ्य और चिकित्सा: ₹1,200 करोड़
शिक्षा और स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर: ₹950 करोड़
सड़क और परिवहन परियोजनाएँ: ₹1,100 करोड़
ग्रामीण विकास और पंचायत कार्य: ₹865 करोड़
आपदा प्रबंधन और जल आपूर्ति: ₹1,200 करोड़
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह बजट राज्य के वर्तमान और आगामी विकास कार्यों के लिए पर्याप्त है और इसमें पंचायत चुनावों की निष्पक्ष व्यवस्था के लिए भी राशि निर्धारित की गई है।
विधानसभा में हंगामा और विरोध का असर
विधायकों के हंगामे और विरोध के कारण बजट प्रस्तुति के दौरान सदन का काम कई बार ठप हो गया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने पंचायत चुनावों में कई अनियमितताएँ की हैं। इसके जवाब में मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों ने कहा कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हुए और आरोप असत्य हैं।
सदन में हंगामे की स्थिति के कारण कई प्रस्ताव और योजनाओं पर विस्तृत बहस नहीं हो पाई। प्रशासन ने सदन की कार्यवाही सुचारू बनाने के लिए सुरक्षा और नियमों की व्यवस्था सख्ती से लागू की।
राजनीतिक विश्लेषण
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मानसून सत्र का यह पहला दिन राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण संकेत देता है। बजट पेश होने के साथ ही कांग्रेस द्वारा उठाए गए आरोप और विरोध सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि यदि विपक्ष लगातार इस तरह के मुद्दे उठाता रहा, तो बजट की स्वीकृति और राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर असर पड़ सकता है। वहीं, सरकार ने अपने समर्थकों के माध्यम से यह संदेश भी दिया कि विकास कार्य और कल्याण योजनाएँ निरंतर जारी रहेंगी।
जनता और मीडिया की प्रतिक्रिया
सत्र के पहले दिन का हंगामा मीडिया और जनता की नजर में बना रहा। कई समाचार चैनलों ने इसे विवादास्पद और राजनीतिक तनावपूर्ण दिन बताया। जनता में मिश्रित प्रतिक्रिया रही; कुछ लोग बजट को विकास और योजनाओं के लिए सकारात्मक कदम मानते हैं, जबकि कुछ लोग चुनाव में कथित धांधली के आरोपों को गंभीर मुद्दा मानते हैं।
भविष्य की संभावनाएँ
इस मानसून सत्र में आगामी दिनों में बजट पर विस्तृत चर्चा और अलग-अलग विभागों के प्रस्ताव पर बहस होगी। विपक्ष के द्वारा उठाए गए चुनाव और प्रशासनिक मुद्दों पर भी सख्त बहस की संभावना है।
राज्य सरकार ने कहा है कि वह बजट के सभी प्रस्तावों को पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से लागू करेगी। वहीं, विपक्ष ने संकेत दिया है कि वे पंचायत चुनावों में अनियमितताओं के मामले को लेकर आवाज़ उठाते रहेंगे।
इस प्रकार, उत्तराखंड विधानसभा का यह मानसून सत्र न केवल वित्तीय योजनाओं और विकास कार्यों की दिशा तय करेगा, बल्कि राज्य की राजनीतिक लड़ाई और लोकतांत्रिक बहस के नए आयाम भी स्थापित करेगा।