उत्तराखंड समूह-ग परीक्षाओं का लाइव टेलीकास्ट: हाजिरी परीक्षा केंद्र पर ही, पेपर लीक रोकने की बड़ी पहल

देहरादून, 14 अक्टूबर 2025/दैनिक प्रभातवाणी
उत्तराखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए समूह-ग परीक्षाओं का आयोजन हर साल बड़े उत्साह और उम्मीद के साथ होता है। राज्य सरकार ने इस बार परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है। आगामी समूह-ग परीक्षाओं को लेकर शिक्षा और सेवा चयन विभाग ने घोषणा की है कि परीक्षाओं का लाइव टेलीकास्ट किया जाएगा और हाजिरी परीक्षा केंद्र पर ही ली जाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकना और परीक्षा प्रणाली में निष्पक्षता सुनिश्चित करना है।
समूह-ग की परीक्षाओं में विभिन्न तहसील स्तर के प्रशासनिक पद, कनिष्ठ अधिकारी और तकनीकी एवं गैर-तकनीकी पदों के लिए प्रतियोगी छात्र भाग लेते हैं। पिछले कुछ वर्षों में पेपर लीक की घटनाओं ने छात्रों और अभिभावकों के मन में प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए थे। इसके परिणामस्वरूप परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर प्रभाव पड़ा। इस वर्ष राज्य सरकार ने परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ाने और छात्रों का भरोसा मजबूत करने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक दोनों स्तर पर कड़े कदम उठाए हैं।
परीक्षा केंद्र पर हाजिरी और सुरक्षा इंतजाम
इस वर्ष परीक्षा केंद्रों पर छात्रों की हाजिरी लेना अनिवार्य किया गया है। इसके तहत प्रत्येक छात्र को पहचान पत्र दिखाना होगा और प्रवेश से पहले सुरक्षा जांच से गुजरना होगा। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि केवल उपस्थित अभ्यर्थी ही परीक्षा में शामिल हों। हाजिरी की प्रक्रिया में तकनीकी निगरानी भी शामिल है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे और अन्य निगरानी उपकरण लगाए जाएंगे, ताकि किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि पर तत्काल नजर रखी जा सके।
उत्तराखंड शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था परीक्षा की निष्पक्षता को बढ़ाएगी और अभ्यर्थियों में विश्वास पैदा करेगी। अधिकारियों के अनुसार, “हम चाहते हैं कि छात्रों को यह भरोसा हो कि उनकी मेहनत का फल पूरी निष्पक्षता के साथ मिलेगा। तकनीकी और प्रशासनिक उपायों के माध्यम से हम परीक्षा में होने वाली किसी भी अनियमितता को रोकना चाहते हैं।”
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त स्टाफ भी तैनात किया जाएगा। इसके तहत छात्रों की पहचान की जांच, परीक्षा प्रवेश पत्र का सत्यापन और सेंसरयुक्त उपकरणों से निरीक्षण किया जाएगा। मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा हॉल में ले जाने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही परीक्षा केंद्र पर चिकित्सा सुविधा, पानी और आरामदायक बैठने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
लाइव टेलीकास्ट: पारदर्शिता का नया अध्याय
उत्तराखंड में समूह-ग परीक्षाओं का लाइव टेलीकास्ट छात्रों और अभिभावकों के लिए एक नई व्यवस्था है। इसका उद्देश्य परीक्षा की गतिविधियों पर वास्तविक समय में नजर रखना और किसी भी संभावित अनियमितता को तुरंत रोकना है। प्रत्येक परीक्षा हॉल की गतिविधियों को सीसीटीवी कैमरे और लाइव फीड के माध्यम से रिकॉर्ड किया जाएगा।
तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि यह व्यवस्था न केवल राज्य में बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी परीक्षा की विश्वसनीयता बढ़ाएगी। लाइव टेलीकास्ट की मदद से शिक्षा विभाग को यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि सभी परीक्षार्थी परीक्षा में निष्पक्ष तरीके से शामिल हों। इसके साथ ही किसी भी विवाद या आपत्ति की स्थिति में रिकॉर्ड का उपयोग करके जांच करना भी संभव होगा।
छात्रों और अभिभावकों की प्रतिक्रिया
छात्रों और अभिभावकों की प्रतिक्रिया इस पहल को लेकर सकारात्मक रही है। देहरादून के एक अभ्यर्थी ने कहा, “पिछले साल पेपर लीक की घटनाओं ने हमारी मेहनत को प्रभावित किया था। इस बार लाइव टेलीकास्ट और कड़ी हाजिरी प्रक्रिया देखकर हमें विश्वास हुआ कि हमारी मेहनत का परिणाम निष्पक्ष तरीके से मिलेगा।”
अभिभावकों का भी कहना है कि यह कदम छात्रों की मेहनत और भविष्य की सुरक्षा के प्रति राज्य सरकार की गंभीरता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल पारदर्शिता बढ़ाएगी बल्कि छात्रों और अभिभावकों के मन में परीक्षा प्रणाली के प्रति भरोसा भी मजबूत करेगी।
तकनीकी व्यवस्था और निगरानी
परीक्षा के दौरान निगरानी टीम तैनात रहेगी जो लाइव फीड और सीसीटीवी कैमरों की गुणवत्ता सुनिश्चित करेगी। परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त स्टाफ को भी तैनात किया जाएगा जो छात्रों की सभी आवश्यकताओं को पूरा करेंगे। तकनीकी टीम किसी भी प्रकार की समस्या आने पर तुरंत समाधान सुनिश्चित करेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की व्यवस्था भविष्य में अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मॉडल बन सकती है। लाइव टेलीकास्ट और कड़ी हाजिरी मिलकर पेपर लीक और अन्य अनुचित गतिविधियों को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
भविष्य में प्रभाव
उत्तराखंड सरकार की यह पहल न केवल इस वर्ष की परीक्षा तक सीमित है। अधिकारियों का कहना है कि इस मॉडल को भविष्य में अन्य महत्वपूर्ण परीक्षाओं में भी लागू किया जा सकता है। इससे राज्य में परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा की नई मिसाल कायम होगी।
साथ ही, यह पहल छात्रों को मानसिक रूप से भी सुरक्षित महसूस कराएगी। जब छात्रों को यह भरोसा होगा कि परीक्षा निष्पक्ष और सुरक्षित वातावरण में हो रही है, तो उनकी तैयारी और प्रदर्शन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
निष्पक्षता और छात्रों का भरोसा
इस पहल से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि राज्य सरकार छात्रों की मेहनत और उनके भविष्य की सुरक्षा के प्रति गंभीर है। परीक्षा में अनुचित गतिविधियों को रोकने के लिए कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हर छात्र को अपने कौशल और ज्ञान के आधार पर सफलता प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
छात्रों का कहना है कि तकनीकी और प्रशासनिक उपायों से उन्हें अब परीक्षा में शामिल होने में कोई डर या चिंता नहीं होगी। अभिभावकों का भी यह मानना है कि सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम लंबे समय से चली आ रही मांगों का समाधान है।
परीक्षा प्रक्रिया का विस्तार
उत्तराखंड में समूह-ग परीक्षाओं की तैयारी को देखते हुए शिक्षा विभाग ने परीक्षा की तैयारी और संचालन प्रक्रिया को और अधिक संगठित किया है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र में छात्रों की संख्या के अनुसार समुचित व्यवस्था की गई है। परीक्षा हॉल का लेआउट इस तरह तैयार किया गया है कि छात्रों को पर्याप्त दूरी और सुविधाएं मिलें।
परीक्षा में आने वाले छात्रों को परीक्षा के पहले ही निर्देश दिए जाएंगे कि वे क्या-क्या सामग्री अपने साथ ला सकते हैं और क्या नहीं। प्रवेश से पहले प्रत्येक छात्र का पंजीकरण और पहचान सत्यापन किया जाएगा। हाजिरी सूची को सख्ती से जांचा जाएगा और किसी भी प्रकार की अनियमितता होने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के बयान
उत्तराखंड शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हमारा मुख्य उद्देश्य परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। इस बार लाइव टेलीकास्ट और हाजिरी प्रणाली के माध्यम से हम यह सुनिश्चित करेंगे कि परीक्षा पूरी तरह से सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से हो। इस पहल से छात्रों और अभिभावकों का भरोसा मजबूत होगा।”
अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि तकनीकी टीम और परीक्षा केंद्र का स्टाफ किसी भी प्रकार की अनियमित गतिविधियों को तुरंत रोकने के लिए तत्पर रहेगा। इसके साथ ही सभी परीक्षा केंद्रों में पर्याप्त सुरक्षा और प्रशासनिक उपाय किए जाएंगे।
छात्रों की तैयारी और मानसिक स्थिति
छात्रों का कहना है कि लाइव टेलीकास्ट और हाजिरी प्रणाली के चलते उन्हें मानसिक रूप से अधिक संतोष और सुरक्षा का अनुभव होगा। इससे उनकी परीक्षा की तैयारी पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। छात्र अब यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि उनकी मेहनत का परिणाम निष्पक्ष और सुरक्षित वातावरण में आएगा।
दैनिक प्रभातवाणी
समूह-ग परीक्षाओं का लाइव टेलीकास्ट और परीक्षा केंद्र पर हाजिरी की व्यवस्था उत्तराखंड में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इससे न केवल पेपर लीक जैसी घटनाओं पर अंकुश लगेगा, बल्कि छात्रों और अभिभावकों में परीक्षा प्रक्रिया के प्रति भरोसा भी मजबूत होगा।
राज्य सरकार की यह पहल छात्रों की मेहनत और भविष्य की सुरक्षा के प्रति गंभीरता का प्रतीक है। भविष्य में इस मॉडल को अन्य राज्य परीक्षाओं में अपनाने की संभावना भी है। यह कदम निश्चित रूप से उत्तराखंड में परीक्षा प्रणाली में सकारात्मक बदलाव लाएगा और छात्रों की मेहनत और समय की रक्षा करेगा।