Spread the love

दैनिक प्रभातवाणी | काशीपुर/नैनीताल

ऊधमसिंह नगर जिले के काशीपुर क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने के आदेश दिए हैं। न्यायालय के इस फैसले के बाद पूरे मामले में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है और मृतक के परिजनों को निष्पक्ष जांच की नई उम्मीद जगी है।

जानकारी के अनुसार काशीपुर के कटोरा ताल क्षेत्र में रहने वाले युवक की मौत के बाद परिजनों ने शुरू से ही घटना को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई थी। परिजनों का आरोप था कि मामले की प्रारंभिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण तथ्यों को नजरअंदाज किया गया। इसी को आधार बनाकर उन्होंने न्यायालय का रुख किया और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की।

मामले की सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने उपलब्ध तथ्यों और याचिकाकर्ता की दलीलों पर विचार करने के बाद शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने का निर्देश दिया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पुनः पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में कराई जाए ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार किसी दफनाए गए शव को दोबारा बाहर निकालकर पोस्टमार्टम कराना एक असाधारण प्रक्रिया मानी जाती है। ऐसा कदम सामान्य परिस्थितियों में नहीं उठाया जाता। अदालत तभी इस तरह का आदेश देती है जब उसे प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि मामले में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य सामने नहीं आए हैं अथवा जांच को लेकर गंभीर सवाल मौजूद हैं।

हाईकोर्ट के निर्देश पर शव को कब्र से निकालकर हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों के पैनल द्वारा दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इस पैनल में वरिष्ठ डॉक्टरों को शामिल किया गया है, जो आधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों की सहायता से मौत के कारणों की विस्तृत जांच करेंगे। डॉक्टर यह पता लगाने का प्रयास करेंगे कि युवक की मौत किसी दुर्घटना, बीमारी, विषाक्त पदार्थ, दम घुटने या किसी अन्य कारण से हुई थी।

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई से पहले पूरी प्रक्रिया संपन्न करने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने चिकित्सकीय पैनल को 15 जून तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत करने को कहा है। माना जा रहा है कि यह रिपोर्ट मामले की आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

उधर, हाईकोर्ट के आदेश के बाद स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक टीम भी सक्रिय हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि न्यायालय के निर्देशों का पूर्ण पालन किया जाएगा और जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। पुलिस अब मामले से जुड़े सभी पहलुओं की दोबारा समीक्षा कर रही है।

इस प्रकरण ने क्षेत्र में व्यापक चर्चा का विषय बना दिया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि न्यायालय का यह कदम सच्चाई सामने लाने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। वहीं मृतक के परिजन भी उम्मीद जता रहे हैं कि पुनः पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा होगा और यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अब सभी की निगाहें 15 जून को न्यायालय में पेश होने वाली रिपोर्ट पर टिकी हैं। यह रिपोर्ट न केवल युवक की मौत के रहस्य से पर्दा उठा सकती है, बल्कि पूरे मामले की जांच को नई दिशा भी दे सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *