गैरसैंण में हंगामेदार रहा उत्तराखंड का बजट सत्र 2026, सरकार-विपक्ष में तीखी बहस
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गैरसैंण/देहरादून, 14 मार्च।

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में आयोजित उत्तराखंड बजट सत्र 2026 राजनीतिक हलचल और तीखी बहस के बीच संपन्न हो गया। करीब पांच दिनों तक चले इस सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर जोरदार बहस और हंगामा देखने को मिला। सदन के भीतर से लेकर सड़क तक राजनीतिक माहौल गर्म रहा।

सत्र की शुरुआत 9 मार्च को लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह के अभिभाषण से हुई। राज्यपाल ने अपने संबोधन में राज्य सरकार की उपलब्धियों, विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए “विकसित उत्तराखंड” के लक्ष्य को दोहराया। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य समेत सभी विधायक सदन में मौजूद रहे।

इस बार सत्र का सबसे अहम पहलू यह रहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्त मंत्री के रूप में अपना पहला बजट पेश किया। बजट में राज्य के विकास, बुनियादी ढांचे, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। सरकार ने इसे राज्य के समग्र विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया।

वहीं विपक्ष ने बजट और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कई मुद्दों को जोर-शोर से उठाया। बेरोजगारी, महंगाई, कानून व्यवस्था और ग्रामीण विकास जैसे विषयों पर विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की। कई बार सदन में हंगामे की स्थिति भी बनी और बहस तीखी हो गई।

सत्र के दौरान कई विधेयक भी सदन में पेश किए गए और पारित किए गए। सरकार ने इन्हें राज्य के विकास और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जरूरी बताया। वहीं विपक्ष ने कुछ विधेयकों और नीतियों को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बजट सत्र कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि इसमें सरकार ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया, वहीं विपक्ष ने भी आगामी राजनीतिक रणनीति के संकेत दिए। कुल मिलाकर गैरसैंण में आयोजित यह बजट सत्र उत्तराखंड की राजनीति में लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहेगा।