चारधाम यात्रा के लिए डिजिटल व्यवस्था लागू, 2026 यात्रा हेतु ऑनलाइन पंजीकरण शुरू
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 देहरादून | दैनिक प्रभातवाणी

उत्तराखंड सरकार ने वर्ष 2026 की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रदेश सरकार और पर्यटन विभाग के अनुसार अब श्रद्धालु घर बैठे डिजिटल माध्यमों के जरिए आसानी से अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। यह व्यवस्था यात्रा को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारू बनाने के उद्देश्य से लागू की गई है।

हर साल लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड के पवित्र धामों की यात्रा करते हैं, जिनमें Kedarnath Temple, Badrinath Temple, Gangotri Temple और Yamunotri Temple शामिल हैं। इन चारों धामों की यात्रा को सामूहिक रूप से चारधाम यात्रा कहा जाता है, जो देश की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं में से एक मानी जाती है।

सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार श्रद्धालु आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप या व्हाट्सऐप के माध्यम से भी अपना पंजीकरण कर सकते हैं। डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद अब यात्रियों को लंबी कतारों में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी और यात्रा से पहले ही उनका डेटा ऑनलाइन दर्ज हो जाएगा। इससे प्रशासन को यात्रियों की संख्या और यात्रा मार्गों के प्रबंधन में काफी मदद मिलेगी।

धार्मिक परंपराओं के अनुसार इस वर्ष चारधाम यात्रा की शुरुआत Akshaya Tritiya के शुभ अवसर पर 19 अप्रैल से होने की संभावना जताई जा रही है। इसी दिन से मंदिरों के कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू होती है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचना शुरू कर देते हैं।

राज्य सरकार के अधिकारियों का कहना है कि पिछले वर्षों में चारधाम यात्रा के दौरान भारी भीड़ देखी गई थी, जिसके चलते कई बार व्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ जाता है। इसलिए इस बार यात्रा से पहले ही पंजीकरण अनिवार्य किया जा रहा है ताकि यात्रियों की संख्या को नियंत्रित किया जा सके और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाई जा सके।

पर्यटन विभाग के अनुसार ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से यात्रियों को कई सुविधाएं मिलेंगी। श्रद्धालु अपने यात्रा की तिथि, मार्ग और आवश्यक जानकारी पहले ही दर्ज कर सकेंगे। इसके अलावा प्रशासन को भी मौसम, मार्ग और सुरक्षा के अनुसार यात्रा का बेहतर प्रबंधन करने में मदद मिलेगी।

राज्य सरकार ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि यात्रा पर आने से पहले अनिवार्य रूप से ऑनलाइन पंजीकरण कराएं और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। इससे न केवल उनकी यात्रा सुरक्षित होगी बल्कि चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित करने में भी मदद मिलेगी।

चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आस्था, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हर साल लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं, जिससे स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग और परिवहन क्षेत्र को भी बड़ा लाभ मिलता है। सरकार को उम्मीद है कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से इस वर्ष की यात्रा पहले से अधिक सुरक्षित और सुचारू रूप से संचालित हो सकेगी।