Spread the loveटिहरी, 25 मार्च 2026: उत्तराखंड के ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर मंगलवार को एक गंभीर सड़क हादसा टल गया, जब एक कार के ऊपर अचानक पहाड़ी से बड़ा बोल्डर गिर पड़ा। हादसे के दौरान कार में दंपती सवार थे, जो बाल-बाल बच गए। घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों व स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया।घटना का विवरणहादसा बगड़धार क्षेत्र में हुआ, जहां सड़क के किनारे मरम्मत का कार्य चल रहा था। जानकारी के अनुसार, कार ऋषिकेश से नई टिहरी की ओर जा रही थी। इसी दौरान पहाड़ी से बोल्डर गिर गया और कार के ऊपर जा गिरा। वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन कार में सवार दंपती गंभीर रूप से घायल नहीं हुए।हादसे में कार सवार महेश पंवार और उनकी पत्नी, जो ई ब्लॉक नई टिहरी के निवासी हैं, को हल्की चोटें आईं। आनन-फानन में स्थानीय लोगों ने उन्हें श्री देव सुमन अस्पताल पहुँचाया, जहाँ चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सुरक्षित बताया।स्थानीय लोगों का रोषहादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने बीआरओ (ब्रिज रोड ऑर्गनाइजेशन) की लापरवाही पर कड़ा आक्रोश जताया। उनका कहना था कि मरम्मत कार्य के दौरान उचित सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे। इस हादसे से स्पष्ट हो गया कि पहाड़ी मार्गों पर सुरक्षा और चेतावनी संकेतक समय पर लगाए जाने चाहिए।प्रशासन और बीआरओ की प्रतिक्रियास्थानीय प्रशासन और बीआरओ की टीम मौके पर पहुंची और हादसे की जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने कहा कि पहाड़ी से बोल्डर गिरने की घटना आकस्मिक है, लेकिन सड़क के किनारे सुरक्षा उपायों को मजबूत किया जाएगा। इसके तहत मरम्मत कार्य स्थगित नहीं होगा, लेकिन मार्ग पर सुरक्षा जाल और चेतावनी संकेतक लगाए जाएंगे।सड़क सुरक्षा की चुनौतीऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पहाड़ी इलाकों से होकर गुजरता है और वर्षा व भूस्खलन की घटनाओं के कारण इसे जोखिमपूर्ण माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, सड़क मार्गों पर नियमित निगरानी और सुरक्षा उपाय बेहद आवश्यक हैं, ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।दंपती के बचने की राहतहादसे में दंपती के सुरक्षित बचने की खबर ने स्थानीय लोगों में राहत की लहर फैला दी। हालांकि यह घटना पहाड़ी मार्ग पर सतर्कता बनाए रखने का संकेत भी देती है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे इस मार्ग पर वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें और मरम्मत कार्य वाले स्थानों पर धीमी गति अपनाएं।निष्कर्षटिहरी में हुए इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी सड़क मार्गों पर सुरक्षा और सावधानी की आवश्यकता को उजागर किया है। दंपती के बाल-बाल बचने से बड़ा नुकसान टल गया, लेकिन यह घटना स्थानीय प्रशासन और बीआरओ के लिए चेतावनी भी है कि सड़क मार्गों की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढील नहीं बरती जानी चाहिए। Post Views: 3 Post navigationउत्तराखंड कैबिनेट की अहम बैठक: 16 बड़े प्रस्तावों पर लगी सरकार की मुहर, किसानों, पूर्व सैनिकों और शिक्षा क्षेत्र में मिले लाभ HC का फैसला: संतोषजनक कार्य न होने पर अतिथि शिक्षक सेवा विस्तार का दावा नहीं कर सकते, प्रिया जोशी की याचिका खारिज