देवप्रयाग के पास ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाईवे पर भीषण सड़क हादसा, नदी में समाई एसयूवी, 3 शव बरामद, 4 लापता की तलाश जारी
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देवप्रयाग ।  उत्तराखंड के टिहरी-रुद्रप्रयाग सीमा क्षेत्र के अंतर्गत देवप्रयाग के पास आज सुबह ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। राजस्थान से चारधाम यात्रा या पर्यटन यात्रा पर आ रही एक एसयूवी (इनोवा) अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरते हुए सीधे अलकनंदा-भागीरथी संगम क्षेत्र की ओर बहती नदी में जा समाई। यह हादसा इतना भयावह था कि कुछ ही पलों में खुशियों का सफर चीखों और अफरातफरी में बदल गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार वाहन में कुल आठ लोग सवार थे, जो संभवतः किसी पारिवारिक या समूह यात्रा पर उत्तराखंड आए हुए थे। सुबह के समय जैसे ही वाहन देवप्रयाग के पास मोड़ और ढलान वाले क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी अचानक चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार सड़क पर फिसलन, तेज मोड़ और संभवतः ब्रेक फेल होने जैसी परिस्थितियों ने इस हादसे को और गंभीर बना दिया। वाहन अनियंत्रित होकर लगभग दो सौ मीटर गहरी खाई की ओर लुढ़कता चला गया और सीधे नदी में जा गिरा।

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और राहत दल तुरंत मौके पर पहुंचे। देखते ही देखते पूरा क्षेत्र बचाव अभियान में बदल गया। नदी का तेज बहाव और खाई की खड़ी चट्टानें रेस्क्यू टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आईं। बावजूद इसके राहत कार्य को बिना देर किए शुरू किया गया।

राहत और बचाव कार्य में राज्य आपदा प्रतिवादन बल SDRF Uttarakhand की टीमों को तत्काल मौके पर तैनात किया गया। टीमों ने नदी के किनारों, गहरे पानी के बहाव क्षेत्र और आसपास के पत्थरों के बीच सघन तलाशी अभियान चलाया। तेज बहाव के कारण गोताखोरों को भी काफी जोखिम उठाना पड़ा, क्योंकि पानी का स्तर और प्रवाह लगातार बदल रहा था।

कुछ घंटों की कठिन मशक्कत के बाद बचाव दल को तीन लोगों के शव बरामद करने में सफलता मिली। शवों को नदी से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। वहीं एक बच्चे को गंभीर हालत में जीवित बचा लिया गया, जिसे तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार बच्चे की हालत नाजुक बनी हुई है लेकिन उसे बचाने के प्रयास लगातार जारी हैं।

देवप्रयाग के पास ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाईवे पर भीषण सड़क हादसा, नदी में समाई एसयूवी, 3 शव बरामद, 4 लापता की तलाश जारी

बाकी चार लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन को और व्यापक कर दिया गया है। नदी के तेज बहाव के कारण आशंका जताई जा रही है कि कुछ लोग बहकर काफी दूर तक चले गए हो सकते हैं, जिसके चलते सर्च टीमों को कई किलोमीटर के दायरे में तलाशी अभियान चलाना पड़ रहा है। कई स्थानों पर रस्सियों, नावों और रेस्क्यू उपकरणों की मदद से खोज अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है।

हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में मदद करने की कोशिश की। हालांकि खतरनाक भौगोलिक स्थिति के कारण आम लोगों को सुरक्षित दूरी पर रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को अस्थायी रूप से नियंत्रित कर लिया है ताकि बचाव कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए।

देवप्रयाग के पास ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाईवे पर भीषण सड़क हादसा, नदी में समाई एसयूवी, 3 शव बरामद, 4 लापता की तलाश जारी

इस पूरे ऑपरेशन में विभिन्न स्तर की टीमें लगातार समन्वय के साथ काम कर रही हैं। नदी की गहराई, तेज बहाव और चट्टानी संरचना के कारण बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। कई जगहों पर पानी इतना तेज है कि गोताखोरों को कुछ सेकंड से अधिक पानी में रहना संभव नहीं हो पा रहा।

स्थानीय प्रशासन का कहना है कि हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी। प्राथमिक रूप से सड़क की स्थिति, वाहन की तकनीकी स्थिति और चालक के नियंत्रण जैसे सभी पहलुओं को जांच के दायरे में लिया गया है। इस क्षेत्र में पहले भी कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे यह मार्ग लगातार चिंता का विषय बना हुआ है।

चारधाम यात्रा मार्ग होने के कारण देवप्रयाग क्षेत्र में यातायात काफी बढ़ जाता है और भारी वाहनों के साथ छोटे वाहन भी इस कठिन पहाड़ी मार्ग से गुजरते हैं। संकरी सड़कें, तीखे मोड़ और नदी के किनारे बने मार्ग कई बार दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। स्थानीय लोग लंबे समय से इस क्षेत्र में सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग करते रहे हैं।

देवप्रयाग के पास ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाईवे पर भीषण सड़क हादसा, नदी में समाई एसयूवी, 3 शव बरामद, 4 लापता की तलाश जारी

फिलहाल राहत और बचाव दल पूरी तत्परता के साथ लापता लोगों की तलाश में जुटा हुआ है। जैसे-जैसे समय बीत रहा है, परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि खोज अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सभी लापता लोगों का पता नहीं चल जाता।

यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी सड़कों की संवेदनशीलता और यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी की आवश्यकता को उजागर करता है। उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों में सड़क सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही है।

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