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देहरादून: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने चारधाम यात्रा के दौरान पशुओं के साथ होने वाली क्रूरता को रोकने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष समिति गठित करने का आदेश दिया है। यह कदम यात्रियों और स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा के साथ-साथ पशु कल्याण को भी ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

कोर्ट ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान भारी यातायात, मालवाहन और तीर्थस्थलों पर पशुओं के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएँ बढ़ रही हैं, जिसे रोकना आवश्यक है। न्यायालय ने यह निर्देश दिया कि यात्रा मार्गों पर पशुओं के लिए उचित व्यवस्था की जाए और किसी भी प्रकार की क्रूरता पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

निर्धारित समिति में वन विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी शामिल होंगे। समिति का मुख्य कार्य होगा:

  • यात्रा मार्गों पर पशुओं की सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करना

  • यात्रियों और व्यापारियों को पशु कल्याण नियमों के प्रति जागरूक करना

  • किसी भी उल्लंघन की रिपोर्ट बनाकर हाईकोर्ट को सूचित करना

हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि समिति को यात्रा सीजन से पहले सक्रिय किया जाए ताकि चारधाम यात्रा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था में कोई कमी न रहे।

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