देहरादून नारी निकेतन आत्महत्या मामला: मंत्री रेखा आर्य सख्त, सभी नारी निकेतनों में मनोचिकित्सक नियुक्त करने के निर्देश
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देहरादून, 29 मार्च 2026 : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के केदारपुरम स्थित राजकीय नारी निकेतन में संवासिनी की आत्महत्या के बाद राज्य सरकार हरकत में आ गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने नारी निकेतन का निरीक्षण किया और पूरे प्रदेश के नारी निकेतनों में मनोचिकित्सकों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए हैं। इस घटना के बाद नारी निकेतनों की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार 28 मार्च को केदारपुरम स्थित राजकीय नारी निकेतन में 35 वर्षीय संवासिनी ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी। बताया जा रहा है कि महिला मूल रूप से बिहार की रहने वाली थी और पिछले छह महीनों से नारी निकेतन में रह रही थी। महिला का मानसिक स्वास्थ्य उपचार भी चल रहा था। घटना के अनुसार 27 मार्च की रात करीब 11 बजे कर्मचारियों ने महिला को उसके बिस्तर पर सोते हुए देखा था, लेकिन रात करीब तीन बजे वह सीढ़ियों की रेलिंग से मृत अवस्था में मिली।

घटना सामने आने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया और नारी निकेतन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे। इसके बाद 28 मार्च को राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल भी मौके पर पहुंचीं और मामले की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने जिला प्रशासन को मामले की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सोमवार 30 मार्च को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने स्वयं नारी निकेतन पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया और नारी निकेतन की अधीक्षिका, कर्मचारियों तथा शव बरामद करने वाले चौकीदार से भी पूछताछ की।

निरीक्षण के दौरान मंत्री रेखा आर्य ने नारी निकेतन प्रशासन को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि परिसर के सभी हिस्सों को सीसीटीवी कैमरों से कवर किया जाए और उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। साथ ही रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखने के भी निर्देश दिए गए ताकि भविष्य में किसी भी घटना की सही जानकारी मिल सके।

रेखा आर्य ने स्पष्ट कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त व्यवस्था लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल से फोन पर बातचीत कर जांच की प्रगति की जानकारी भी ली और पुलिस को मामले की जांच तेजी से पूरी करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही विभागीय सचिव और निदेशक को भी निर्देश दिए गए कि नारी निकेतनों में महिलाओं के बेहतर उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग को सक्रिय रूप से जोड़ा जाए।

मंत्री रेखा आर्य ने यह भी कहा कि मानसिक रूप से अस्वस्थ संवासिनियों की बेहतर देखभाल के लिए प्रदेश के सभी नारी निकेतनों में मनोचिकित्सकों की नियुक्ति का प्रस्ताव तैयार किया जाए। इस प्रस्ताव को कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को प्रभावी रूप से रोका जा सके।

इस घटना के बाद प्रदेश के नारी निकेतनों की व्यवस्था को लेकर व्यापक सुधार की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं संवासिनी की आत्महत्या की घटना ने महिला सुरक्षा और देखभाल व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

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