Spread the loveउत्तराखंड की राजनीति में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल के तहत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कैबिनेट में बड़ा बदलाव किया गया है। हाल ही में हुए कैबिनेट विस्तार के बाद मंत्रियों के विभागों का बंटवारा किया गया, जिसमें कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत से स्वास्थ्य विभाग वापस ले लिया गया है। यह जिम्मेदारी अब कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को सौंप दी गई है। इस निर्णय को राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक संतुलन के लिहाज से अहम माना जा रहा है।राजधानी देहरादून में जारी आदेश के अनुसार मुख्यमंत्री ने अपने पास सामान्य प्रशासन, गृह, कार्मिक, सतर्कता, नियुक्ति एवं प्रशिक्षण और सूचना एवं जनसंपर्क जैसे महत्वपूर्ण विभाग बरकरार रखे हैं। ये विभाग शासन की रीढ़ माने जाते हैं, जिनके माध्यम से प्रशासनिक नियंत्रण, नीति निर्धारण और कानून-व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाता है। ऐसे में मुख्यमंत्री द्वारा इन विभागों को अपने पास रखना उनकी प्राथमिकताओं को भी दर्शाता है।वहीं, सुबोध उनियाल को स्वास्थ्य विभाग सौंपे जाने के साथ ही उनकी जिम्मेदारियां और भी बढ़ गई हैं। वे पहले से ही वन विभाग, निर्वाचन, विधायी एवं संसदीय कार्य जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाल रहे हैं। अब स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील और जनहित से जुड़े विभाग की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनसे अपेक्षाएं भी काफी बढ़ गई हैं। राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने, अस्पतालों की स्थिति सुधारने और ग्रामीण क्षेत्रों तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में उनकी भूमिका बेहद अहम होगी।सुबोध उनियाल को धामी सरकार के कद्दावर नेताओं में गिना जाता है। वे अपने स्पष्ट और बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं और संगठन के भीतर मजबूत पकड़ रखते हैं। उनके राजनीतिक सफर पर नजर डालें तो उन्होंने अपने करियर की शुरुआत उत्तर प्रदेश से की थी, जहां उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अध्ययन के दौरान छात्र राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस के साथ अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की और वर्ष 2002 में पहली बार नरेंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़कर जीत हासिल की।राजनीतिक समीकरणों में बदलाव के चलते वर्ष 2016 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। इसके बाद वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने दोबारा नरेंद्रनगर सीट से जीत दर्ज की और त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार में मंत्री बने। उस दौरान उनके पास कृषि, बागवानी, वृक्षारोपण और रेशम विकास जैसे विभाग थे, जिनमें उन्होंने कई योजनाओं को आगे बढ़ाया।वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ कायम रखते हुए नरेंद्रनगर सीट से जीत हासिल की और धामी सरकार में मंत्री बने। इस बार उन्हें वन विभाग की जिम्मेदारी दी गई थी। अब कैबिनेट विस्तार के बाद स्वास्थ्य विभाग का अतिरिक्त प्रभार मिलने से उनका कद और भी बढ़ गया है।दूसरी ओर, धन सिंह रावत से स्वास्थ्य विभाग वापस लिए जाने को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि सरकार की ओर से इसे सामान्य प्रशासनिक फेरबदल बताया जा रहा है, लेकिन इसे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है। पिछले कुछ समय से राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कई तरह के सवाल उठते रहे हैं, ऐसे में यह बदलाव एक नई दिशा देने की कोशिश माना जा रहा है।विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं एक बड़ी चुनौती हैं। दूर-दराज के क्षेत्रों में अस्पतालों की कमी, डॉक्टरों की उपलब्धता और आपातकालीन सेवाओं तक पहुंच जैसी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। ऐसे में नए स्वास्थ्य मंत्री के सामने इन चुनौतियों से निपटने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक दक्षता और बेहतर परिणाम देने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सुबोध उनियाल स्वास्थ्य विभाग को किस तरह से संचालित करते हैं और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में किस तरह के सुधार लाते हैं।कुल मिलाकर, धामी कैबिनेट का यह फेरबदल राज्य की राजनीति और प्रशासन दोनों के लिए महत्वपूर्ण संकेत दे रहा है। जहां एक ओर यह बदलाव नेतृत्व के भरोसे और रणनीति को दर्शाता है, वहीं दूसरी ओर यह राज्य के विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार की गंभीरता को भी उजागर करता है। आने वाले समय में इस फैसले के परिणाम किस रूप में सामने आते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा। Post Views: 19 Post navigationपहाड़ों में मौसम का कहर, पांच जिलों में हिमस्खलन का अलर्ट, चारधाम मार्गों पर संकट, जनजीवन अस्त-व्यस्त 1 अप्रैल 2026 से बड़ा बदलाव! टैक्स, टोल, PAN और विदेश यात्रा पर असर डालेंगे ये 15 नए नियम