Spread the loveनैनीताल, दैनिक प्रभातवाणी। उत्तराखंड के नैनीताल जिले से एक अत्यंत संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है, जिसने समाज को झकझोर कर रख दिया है। एक युवती ने अपने ही पिता पर लंबे समय से गंभीर उत्पीड़न करने के आरोप लगाए हैं। यह मामला उस समय प्रकाश में आया जब पीड़िता ने उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई में पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई और न्याय की गुहार लगाई।जनसुनवाई के दौरान पीड़िता ने बताया कि उसके साथ बचपन से ही गलत व्यवहार किया जाता रहा। युवती का कहना है कि उसे लंबे समय तक घर में ही सीमित रखा गया और उसे बाहर निकलने की स्वतंत्रता नहीं दी गई। उसने यह भी आरोप लगाया कि कई वर्षों तक उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। पीड़िता के अनुसार उसे ऐसी दवाएं भी दी जाती थीं जिनका उद्देश्य उसे मानसिक रूप से कमजोर बनाए रखना था।युवती ने जनसुनवाई में रोते हुए बताया कि वह लगभग आठ वर्षों से घर के भीतर ही रहने को मजबूर थी और उसे सामान्य सामाजिक जीवन जीने की अनुमति नहीं थी। उसने यह भी आरोप लगाया कि परिवार के अन्य कुछ लोगों ने भी उसके साथ अनुचित व्यवहार करने का प्रयास किया। पीड़िता के अनुसार उसके पिता वर्तमान में एक महिला के साथ लिव-इन संबंध में रह रहे हैं और पारिवारिक संपत्ति उस महिला के बच्चों के नाम करने की प्रक्रिया चल रही है।पीड़िता का कहना है कि जब उसने विरोध किया तो उसे घर से निकाल देने की धमकी दी गई। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण वह असमंजस में है कि यदि घर से निकाल दिया गया तो वह कहां जाएगी। उसने महिला आयोग से सुरक्षा और न्याय दिलाने की मांग की है।इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सायरा बानो ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजा जाएगा ताकि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जा सके और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।महिला आयोग ने यह भी आश्वासन दिया कि पीड़िता की सुरक्षा और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से समन्वय किया जाएगा। आयोग का कहना है कि किसी भी महिला या युवती के साथ इस प्रकार की घटनाएं समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं और ऐसे मामलों में पीड़ित को न्याय दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।यह घटना एक बार फिर समाज में पारिवारिक और सामाजिक सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में पीड़ितों को बिना डर के आगे आकर अपनी बात रखने के लिए सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए, ताकि उन्हें समय पर न्याय और संरक्षण मिल सके। Post Views: 10 Post navigationऊधम सिंह नगर: शादी समारोह में ताबड़तोड़ फायरिंग, युवक गंभीर रूप से घायल देहरादून में फिर सनसनीखेज वारदात, युवती की बेरहमी से हत्या; बोरे में बंद मिला सड़ा-गला शव