Spread the love दैनिक प्रभातवाणी | टिहरी गढ़वाल टिहरी गढ़वाल जिले के प्रतापनगर क्षेत्र में एक युवक की मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। घटना को लेकर मृतक के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। परिजनों ने अस्पताल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद शव लेने से इनकार कर दिया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए हैं। मामले को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और बड़ी संख्या में लोग पीड़ित परिवार के समर्थन में सामने आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार प्रतापनगर ब्लॉक के देवल गांव निवासी 18 वर्षीय केतन लाल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना में उसके साथ मौजूद उसका मित्र दिवाकर डिमरी भी गंभीर रूप से घायल हुआ, जिसका उपचार अस्पताल में चल रहा है। घटना की खबर फैलते ही क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुटने लगी और देखते ही देखते मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया। मृतक के परिजनों का आरोप है कि यह कोई सामान्य घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हमला था। उनका कहना है कि युवक को एक स्थान पर बुलाया गया, जहां उसके साथ मारपीट की गई। परिजनों ने मामले में कई लोगों की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। परिजनों का कहना है कि जब तक मामले में कठोर कार्रवाई नहीं होती और सभी जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। अस्पताल परिसर में धरने पर बैठे ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस मामले में तेजी से कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। कई ग्रामीणों ने कहा कि घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है और लोगों में भय तथा आक्रोश का माहौल है। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क हो गए हैं। अस्पताल परिसर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और परिजनों से वार्ता कर उन्हें शांत कराने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होगी। इस बीच घायल युवक का अस्पताल में उपचार जारी है। चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज किया जा रहा है। परिवार और ग्रामीण उसकी हालत को लेकर भी चिंतित हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि घायल युवक का बयान मामले की जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। घटना के बाद क्षेत्र में सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता भी बढ़ गई है। कई लोगों ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रशासन से त्वरित न्याय की मांग की है। वहीं सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तकनीकी तथ्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। फिलहाल पूरे क्षेत्र की नजर पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है। परिजनों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं बल्कि न्याय चाहिए। वहीं प्रशासन का दावा है कि कानून के दायरे में रहकर हर पहलू की जांच की जाएगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस संवेदनशील मामले ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था, सामाजिक तनाव और युवाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई की दिशा तय करेगी कि इस मामले में आगे क्या मोड़ आता है। Post Views: 2 Post navigation सोमवती अमावस्या पर श्रद्धालुओं को बड़ी सौगात, जम्मू-हरिद्वार के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन