Spread the love बागेश्वर। जिले के कपकोट क्षेत्र अंतर्गत रिठाबगड़ में सोमवार को एक विशालकाय पेड़ अचानक मुख्य सड़क पर गिर जाने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। पेड़ के सड़क पर गिरने के साथ ही पास स्थित एक मकान को भी नुकसान पहुंचने का खतरा पैदा हो गया, जिससे क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और राहत एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। जानकारी के अनुसार पेड़ इतना बड़ा था कि उसने पूरे मार्ग को अपनी चपेट में ले लिया, जिसके कारण दोनों ओर वाहनों की आवाजाही रुक गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस और फायर सर्विस को दी। सूचना मिलते ही कपकोट फायर सर्विस और बागेश्वर पुलिस की टीम आवश्यक आपदा राहत उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया गया। टीम ने हाइड्रोलिक वुड कटर की सहायता से पेड़ की बड़ी-बड़ी शाखाओं को काटा, जबकि जेसीबी मशीन की मदद से भारी तनों और मलबे को सड़क से हटाया गया। कई घंटों तक चले अभियान के बाद मार्ग को पूरी तरह साफ कर दिया गया और यातायात को पुनः सुचारू रूप से संचालित कर दिया गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस और फायर सर्विस की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते राहत कार्य शुरू होने से किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका टल गई। यदि मार्ग लंबे समय तक बंद रहता तो क्षेत्र के लोगों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता था। बागेश्वर पुलिस ने बताया कि वर्तमान में मार्ग पूरी तरह सुरक्षित है और वाहनों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है। साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बदल रहे मौसम को देखते हुए यात्रियों और स्थानीय नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। अधिकारियों ने कहा कि बारिश और तेज हवाओं के दौरान पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन और पेड़ों के गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं, इसलिए यात्रा के दौरान सतर्क रहना आवश्यक है। प्रशासन ने नागरिकों से किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत पुलिस और आपदा नियंत्रण कक्ष को देने की अपील की है ताकि समय रहते आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके। Post Views: 2 Post navigation उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू, 7 जुलाई तक अपडेट होगी मतदाता सूची पिंडारी ग्लेशियर में लापता नोएडा के ट्रैकर की तलाश तेज, ड्रोन और डॉग स्क्वाड के साथ सात टीमें जुटीं