January 13, 2026

सुप्रीम कोर्ट ने अब OBC स्टाफ की भर्ती में भी शुरू किया आरक्षण

सुप्रीम कोर्ट ने अब OBC स्टाफ की भर्ती में भी शुरू किया आरक्षण
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📰 दैनिक प्रभातवाणी | 5 जुलाई 2025

सुप्रीम कोर्ट ने अब OBC स्टाफ की भर्ती में भी शुरू किया आरक्षण

नई दिल्ली
भारतीय न्यायपालिका में सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अब अपने कर्मचारियों की भर्ती में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को आरक्षण देने का निर्णय लिया है। यह पहली बार है जब सुप्रीम कोर्ट में OBC वर्ग के लिए औपचारिक रूप से आरक्षण लागू किया गया है।

🔹 नवीन नियम लागू:
3 जुलाई 2025 को भारत के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई की अध्यक्षता में यह निर्णय लिया गया। इसके तहत “रूल 4A” में संशोधन करते हुए यह प्रावधान जोड़ा गया है कि सीधी भर्ती और प्रमोशन में OBC, SC, ST, दिव्यांगजन, पूर्व सैनिकों तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को सरकारी आरक्षण नीति के अनुसार अवसर मिलेगा।

🔹 पूर्व में केवल SC/ST को लाभ:
फरवरी 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने 200-पॉइंट रोस्टर प्रणाली लागू करते हुए सिर्फ अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग को आरक्षण दिया था। लेकिन अब OBC को भी शामिल कर समानता और समावेशिता की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।

🔹 महत्व:

  • यह निर्णय न्यायपालिका में सामाजिक प्रतिनिधित्व को बढ़ाएगा।

  • पिछड़े वर्गों को सर्वोच्च न्यायालय में रोजगार के समान अवसर मिल सकेंगे।

  • इससे लाखों OBC अभ्यर्थियों को नई प्रेरणा मिलेगी।

🔹 प्रभावी तिथि:
यह आरक्षण नीति तुरंत प्रभाव से लागू होगी और सभी आगामी भर्तियों में इसका पालन किया जाएगा।


विशेषज्ञों की राय:
कानून विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला केवल सुप्रीम कोर्ट तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इससे उच्च न्यायपालिका के अन्य संस्थानों पर भी दबाव बनेगा कि वे भी OBC वर्ग को उचित प्रतिनिधित्व दें।


निष्कर्ष:
भारत के न्याय तंत्र में यह ऐतिहासिक सुधार OBC वर्ग के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। सामाजिक न्याय की दिशा में सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला मील का पत्थर माना जा रहा है।