January 15, 2026

हरिद्वार अस्पताल में लापरवाही से दो महिलाओं की मौत, अस्पताल सील, पुलिस जांच शुरू

हरिद्वार अस्पताल में लापरवाही से दो महिलाओं की मौत, अस्पताल सील, पुलिस जांच शुरू

हरिद्वार अस्पताल में लापरवाही से दो महिलाओं की मौत, अस्पताल सील, पुलिस जांच शुरू

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हरिद्वार अस्पताल में लापरवाही से दो महिलाओं की मौत, अस्पताल सील, पुलिस जांच शुरू

हरिद्वार, 5 अगस्त 2025 | दैनिक प्रभातवाणी संवाददाता
हरिद्वार में एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान दो महिलाओं की दर्दनाक मृत्यु के बाद भारी हड़कंप मच गया है। मृत महिलाओं के परिजनों ने चिकित्सा लापरवाही (Medical Negligence) का गंभीर आरोप लगाते हुए अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए अस्पताल को सील कर दिया है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

घटना का विवरण: दो प्रसूताओं की संदिग्ध मौत

घटना हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र स्थित एक निजी मैटरनिटी अस्पताल की है, जहाँ रविवार की देर रात दो गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए भर्ती किया गया था। परिजनों के अनुसार, दोनों महिलाओं की स्थिति सामान्य थी, लेकिन उपचार के दौरान उनकी अचानक मृत्यु हो गई। मृतकों की पहचान 26 वर्षीय शालिनी देवी और 28 वर्षीय पुष्पा रावत के रूप में हुई है।

परिवारजनों का आरोप है कि डॉक्टर और स्टाफ की लापरवाही के कारण समय पर उचित इलाज नहीं मिला, जिससे दोनों महिलाओं की जान चली गई। जब परिजनों ने अस्पताल से जवाब माँगा, तो वहाँ मौजूद स्टाफ मौके से भाग निकला।

हंगामा और पुलिस हस्तक्षेप

घटना के बाद गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और सड़कों पर प्रदर्शन करने लगे। स्थिति को संभालने के लिए स्थानीय पुलिस को बुलाना पड़ा। एसडीएम और सीएमओ मौके पर पहुंचे और जांच के आदेश जारी किए। प्राथमिक जांच के आधार पर प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से अस्पताल को सील कर दिया है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया और कार्रवाई

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. रश्मि कंसल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। अस्पताल में प्रशिक्षित स्टाफ और आवश्यक उपकरणों की कमी भी उजागर हुई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरे मामले की विस्तार से जांच कर रही है।

डॉ. रश्मि कंसल ने मीडिया को बताया:
“हम इस मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रहे हैं। यदि लापरवाही की पुष्टि होती है तो अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

पुलिस ने दर्ज किया केस

हरिद्वार कोतवाली प्रभारी ने जानकारी दी कि दोनों मृत महिलाओं के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और IPC की धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी गई है। अस्पताल संचालकों और जिम्मेदार डॉक्टरों से पूछताछ की जा रही है।

नेता और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया

इस घटना के बाद सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा पर सवाल उठाए हैं। आम आदमी पार्टी के नेता ने कहा कि उत्तराखंड में निजी अस्पतालों की निगरानी व्यवस्था कमजोर हो चुकी है और यह घटना उस विफलता का जीता-जागता प्रमाण है।

स्वास्थ्य मंत्री ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश

उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने ट्वीट कर घटना पर गहरा शोक जताया और मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

स्थानीय जनता में रोष

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों ने मांग की है कि हरिद्वार सहित पूरे उत्तराखंड में निजी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं का ऑडिट कराया जाए और लापरवाही करने वाले अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।


यह एक ज्वलंत उदाहरण है कि किस तरह चिकित्सा लापरवाही न केवल जीवन छीन सकती है, बल्कि सामाजिक विश्वास को भी तोड़ सकती है। प्रशासन की तत्परता सराहनीय है, लेकिन इस घटना के बाद जरूरी हो गया है कि राज्य सरकार निजी स्वास्थ्य संस्थानों पर निगरानी और कड़े नियमन की व्यवस्था करे।