देहरादून: पुलिस की निष्क्रियता पर कोर्ट ने दिए FIR दर्ज करने के आदेश

दैनिक प्रभातवाणी | 5 जुलाई 2025
देहरादून: पुलिस की निष्क्रियता पर कोर्ट ने दिए FIR दर्ज करने के आदेश
देहरादून – एक जिम ट्रेनर की कथित हिरासत में मौत के मामले में पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए देहरादून की एक अदालत ने संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का सख्त आदेश दिया है। यह आदेश घटना के करीब 10 महीने बाद आया है, जब पीड़ित परिवार की बार-बार की गई अपीलों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी।
क्या है मामला?
देहरादून निवासी जिम ट्रेनर राहुल (परिवर्तित नाम) को पिछले वर्ष अगस्त 2024 में पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। परिवार का आरोप है कि हिरासत के दौरान राहुल के साथ मारपीट की गई, जिसके चलते उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इसे प्रारंभ में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत करार देकर फाइल बंद कर दी थी।
परिवार ने लगाए ये आरोप
राहुल के परिजनों ने अदालत में याचिका दाखिल कर छह पुलिसकर्मियों को नामजद करते हुए कहा कि:
राहुल को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया।
उसे थाने में शारीरिक यातना दी गई।
पुलिस ने मामले को दबाने की कोशिश की और कोई निष्पक्ष जांच नहीं की।
कोर्ट की टिप्पणी
मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि “ऐसे गंभीर आरोपों की अनदेखी न्याय व्यवस्था में जनता के भरोसे को कमजोर करती है।” अदालत ने प्रथम दृष्टया पुलिस की लापरवाही और निष्क्रियता को गंभीर माना और सभी नामित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू करने का आदेश दिया है।
अब क्या होगा?
अदालत के आदेश के बाद अब संबंधित थाना प्रभारी को FIR दर्ज कर जांच शुरू करनी होगी।
जांच की निगरानी मजिस्ट्रेट स्तर पर की जा सकती है।
दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों पर हत्या, आपराधिक षड्यंत्र और सबूत छिपाने की धाराओं में कार्रवाई संभव है।
जनता में नाराज़गी
मामले के प्रकाश में आने के बाद स्थानीय लोगों और मानवाधिकार संगठनों ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। कई संगठनों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की है।