Spread the loveदैनिक प्रभातवाणी | देहरादून | 3 अप्रैल 2026उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज होती नजर आ रही है। देहरादून से सामने आई खबर के अनुसार कांग्रेस पार्टी के भीतर अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। यह विवाद उस समय बढ़ गया जब पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 15 दिन का राजनीतिक ब्रेक लेने की घोषणा कर दी।रिपोर्ट के अनुसार हाल ही में कांग्रेस में छह प्रमुख नेताओं की एंट्री को लेकर विवाद शुरू हुआ। बताया गया कि हरीश रावत रामनगर के नेता संजय नेगी को भी उसी दिन पार्टी में शामिल कराना चाहते थे, लेकिन कुछ वरिष्ठ नेताओं के विरोध के कारण यह संभव नहीं हो सका। इसके बाद हरीश रावत ने 60 साल के अपने राजनीतिक जीवन में पहली बार 15 दिन का ब्रेक लेने की घोषणा कर दी।मामले को और हवा तब मिली जब पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने बयान दिया कि किसी एक व्यक्ति के होने या न होने से पार्टी खत्म नहीं होती। इस बयान पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश धामी ने नाराजगी जताई और 2016 के राजनीतिक घटनाक्रम की याद दिलाते हुए बयान की आलोचना की।बताया जा रहा है कि रामनगर सीट को लेकर पहले भी विवाद रहा है। 2022 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस इस सीट पर जीत दर्ज नहीं कर पाई थी, जबकि संजय नेगी ने निर्दलीय चुनाव लड़कर तीसरा स्थान हासिल किया था। अब उन्हें पार्टी में शामिल करने को लेकर नेताओं के बीच मतभेद सामने आए हैं।इस बीच भाजपा ने भी कांग्रेस की इस अंदरूनी कलह पर निशाना साधा है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान जनता के सामने आ गई है और यह पार्टी की कमजोर स्थिति को दर्शाती है।2027 विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड की राजनीति में यह घटनाक्रम अहम माना जा रहा है, क्योंकि दोनों प्रमुख दल अभी से चुनावी रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं। ऐसे में कांग्रेस के भीतर बढ़ती खींचतान चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकती है। Post Views: 3 Post navigationउत्तराखंड हाईकोर्ट ने मसूरी नगर पालिका को पेड़ काटने से रोका, पर्यावरण और नियमों की सुरक्षा को बनाया सर्वोच्च प्राथमिकता उत्तराखंड में पर्यटन और आस्था का दबाव बढ़ा: चारधाम तैयारियां तेज, देहरादून में ट्रैफिक जाम, हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़