उत्तराखंड में ‘जलसखी योजना’ की शुरुआत – ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा स्वच्छ जल का जिम्मा

उत्तराखंड में ‘जलसखी योजना’ की शुरुआत – ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा स्वच्छ जल का जिम्मा
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक नई पहल करते हुए ‘जलसखी योजना’ का शुभारंभ किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें जल परीक्षण और प्रबंधन कार्यों में सक्रिय भागीदारी देना है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि “हमारे गांवों की महिलाएं केवल पानी लाने का काम नहीं करेंगी, बल्कि अब वे पानी की गुणवत्ता की निगरानी भी करेंगी। जलसखी योजना महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर उन्हें जल प्रबंधन की मुख्यधारा में लाने का प्रयास है।”
🔹 योजना की मुख्य विशेषताएं:
प्रत्येक गाँव की चयनित महिलाओं को जल परीक्षण किट दी जाएगी।
महिलाओं को जल स्रोतों की गुणवत्ता की निगरानी, रिपोर्टिंग और सुधार हेतु प्रशिक्षण मिलेगा।
जलसखी महिलाएं जल जीवन मिशन के तहत गांवों में पानी के स्रोतों की सुरक्षा और जागरूकता फैलाने में अहम भूमिका निभाएंगी।
इससे महिलाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे और वे आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगी।
🔹 राज्य सरकार का उद्देश्य:
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि 2026 तक राज्य के हर घर में शुद्ध पेयजल पहुंचे और महिलाओं को विकास की धारा से जोड़ा जाए। जलसखी योजना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
पेयजल मंत्री सतपाल महाराज ने भी इस अवसर पर कहा कि “हमारी मातृशक्ति न केवल परिवार की रीढ़ हैं, बल्कि समाज की बुनियाद भी हैं। जलसखी बनकर वे अब गांव की जल प्रहरी बनेंगी।”
🖊️ रिपोर्ट: दैनिक प्रभातवाणी ब्यूरो
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