Spread the loveदैनिक प्रभातवाणीऋषिकेश –कर्णप्रयाग रेल परियोजना ने पकड़ी रफ्तार, चारधाम यात्रा होगी और सुगम03 जुलाई 2025 | उत्तराखंड ब्यूरो रुद्रप्रयाग/ऋषिकेश – उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में आवागमन को लेकर दशकों पुराना सपना अब धीरे-धीरे साकार होता दिखाई दे रहा है। केंद्र सरकार की महत्त्वाकांक्षी योजना रिशिकेश–कर्णप्रयाग रेलवे लाइन का निर्माण कार्य तेज़ी से जारी है और अब तक इसका लगभग 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। रेलवे मंत्रालय के अनुसार, यह परियोजना दिसंबर 2026 तक पूरी कर ली जाएगी, जिससे न केवल स्थानीय लोगों को बेहतर यात्रा सुविधा मिलेगी बल्कि चारधाम यात्रा पर आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को भी राहत मिलेगी। परियोजना की प्रमुख विशेषताएं: लंबाई: लगभग 125 किलोमीटर स्टेशन: टिहरी, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग सहित कुल 12 स्टेशन टनल निर्माण: कुल 17 सुरंगों का निर्माण प्रस्तावित, जिनमें से अधिकतर का कार्य अंतिम चरण में पर्यावरणीय अनुकूल तकनीक: निर्माण कार्य में विशेष ध्यान रखा गया है कि जैव विविधता और पर्वतीय पारिस्थितिकी को नुकसान न पहुंचे। स्थानीय लाभ: इस रेल लाइन के शुरू होते ही पहाड़ी जिलों को पूरे साल कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे आवागमन में लगने वाला समय व खर्च दोनों घटेगा।इसके अलावा, पर्यटन और स्थानीय व्यापार को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। नौकरी व रोज़गार के नए अवसरों की भी उम्मीद है। चारधाम यात्रा को मिलेगा नया आयाम: ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल लाइन के पूरा होते ही, श्रद्धालुओं के लिए बद्रीनाथ और केदारनाथ जैसे धार्मिक स्थलों तक पहुँचना आसान हो जाएगा। निकट भविष्य में रेल कनेक्टिविटी को जोशीमठ तक बढ़ाने की योजना भी बनाई जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि यह परियोजना ना केवल उत्तराखंड की परिवहन व्यवस्था को सुधारे, बल्कि राज्य को आर्थिक, धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से एक नई ऊंचाई पर पहुंचाए। Post Views: 75 Post navigation उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर: भूस्खलन, सड़कें बंद, हादसों में कई जानें गईं मॉनसून ने पकड़ी रफ्तार, उत्तर और पूर्वी भारत में भारी बारिश की चेतावनी