Spread the love📰 दैनिक प्रभाटवाणीतारीख: 4 जुलाई 2025भूमि कानूनों में सख्ती – 11 जिलों में कृषि-बागवानी भूमि की बिक्री पर रोक, दो जिलों को छूट उत्तराखंड सरकार ने भूमि खरीद-बिक्री से जुड़े कानूनों में बड़ा बदलाव किया है। राज्य के 11 पर्वतीय जिलों में अब कृषि और बागवानी भूमि को गैर-कृषि कार्यों या बाहरी लोगों को बेचने पर सख्त पाबंदियाँ लागू कर दी गई हैं। यह कदम प्रदेश की पारिस्थितिकीय संरचना और पारंपरिक खेती को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। 🔹 किन जिलों में लागू हुई पाबंदी? राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, नैनीताल, देहरादून और उत्तरकाशी जिलों में अब बाहरी लोगों को कृषि एवं बागवानी भूमि बेचना अत्यधिक कठिन होगा। 🔹 हरिद्वार और उधम सिंह नगर को छूट क्यों? हरिद्वार और उधम सिंह नगर को इस नियम से बाहर रखा गया है क्योंकि ये जिले तराई क्षेत्र में आते हैं, जहां उद्योग, व्यापार और कृषि की मिश्रित संभावनाएं हैं। साथ ही यहां बाहरी निवेश को प्रोत्साहन देना सरकार की प्राथमिकता है। 🔹 आदेश का उद्देश्य: स्थानीय किसानों की भूमि की सुरक्षा। पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना। बाहरी भूमि कब्जाधारियों पर नियंत्रण। स्थानीय बेरोजगारी को कम करना। 🔹 क्या है विशेष प्रावधान? बाहरी राज्य के व्यक्ति को कृषि भूमि खरीदने के लिए सरकार से विशेष अनुमति लेनी होगी। उल्लंघन पर भूमि के रजिस्ट्रेशन को निरस्त किया जा सकता है। स्थानीय प्रशासन को निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। 🔹 प्रतिक्रिया: स्थानीय लोगों और किसान संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे “भूमि माफिया” पर अंकुश लगेगा और स्थानीय कृषि परंपराओं को संरक्षित किया जा सकेगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है और सभी उपजिलाधिकारी व रजिस्ट्रार कार्यालयों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।– दैनिक प्रभात वाणी संवाददाता, देहरादून Post Views: 132 Post navigation उत्तराखंड की प्रमुख खबरें – एक नजर मे दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे: उत्तर भारत को मिलने जा रही है एक और हाई-स्पीड सौगात