Spread the love दैनिक साइबर सुरक्षा समाचार | 7 जुलाई 2025750 करोड़ के लोन ऐप घोटाले का मास्टरमाइंड चार्टर्ड अकाउंटेंट उत्तराखंड से गिरफ्तार – STF ने दिल्ली एयरपोर्ट से दबोचादेहरादून/नई दिल्ली:उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने शनिवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाईअड्डे पर 36 वर्षीय चार्टर्ड अकाउंटेंट अभिषेक अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। उस पर 750 करोड़ रुपये से अधिक के एक साइबर फ्रॉड रैकेट का मास्टरमाइंड होने का आरोप है । गिरफ्तारी का कारण और विधिSTF ने LOC (लुकआउट सर्कुलर) जारी करके अग्रवाल की तलाश की थी। वह दिल्ली के अशोक विहार का निवासी है ।गिरफ्तारी IGI हवाईअड्डे पर तकनीकी निगरानी और एयरपोर्ट पुलिस की मदद से की गई। फ्रॉड रैकेट का संचालनअग्रवाल ने लगभग 35–40 शेल कंपनियां बनाई थीं — जिनमें से 13 अपने नाम की थीं और 28 अपनी पत्नी के नाम की ।इनमें से कई कंपनियों में चीनी नागरिक सह-निर्देशक के रूप में जुड़े थे, जिससे रैकेट में विदेशी कम्पनियों की मिलीभगत का संकेत मिलता है ।धोखाधड़ी की कार्यप्रणालीफ्रॉडस्टर्स ने 15+ फर्जी लोन ऐप्स (“Insta Loan”, “Maxi Loan”, “KK Cash”, “RupeeGo”, “Lendkar” आदि) के माध्यम से हजारों भोले-भाले लोगों को फंसा रखा था ।ऐप इंस्टॉल होते ही, उपयोगकर्ताओं के फोन से तस्वीरें, संपर्क और निजी डेटा चोरी कर लिया जाता था और बाद में उन्हें काला पत्राचार, छवि मॉर्फिंग और ब्लैकमेल के माध्यम से पैसे देने को मजबूर किया जाता था । अंतरराष्ट्रीय नेटवर्कअग्रवाल ने खुद 2019 में शंघाई और शेनझेन (चीन) की यात्राएं कीं, जहां से उसने चीनी सहयोगियों को भारत में इस रैकेट की स्थापना में मदद दी ।STF ने अन्य राज्यों में पहले से चल रहे हमलों के संदर्भ में दो प्रमुख सहयोगियों को पहले ही गिरफ्तार किया था — एक गुड़गांव से और एक औरंगाबाद (महाराष्ट्र) से; वहाँ SIM बॉक्स और अन्य अहम उपकरण बरामद हुए थे ।जब्त किए गए प्रमाणगिरफ्तारी के समय अग्रवाल के पास से मोबाइल फोन, पासपोर्ट, थाई तथा भारतीय मुद्रा, पावर बैंक, डिजिटल स्टोरेज, अंगूठियां और Apple Watch बरामद हुए ।पुलिस का बयानएसएसपी Navneet Bhullar (STF) ने कहा:“यह पूरे देश में फैले साइबर फ्रॉड के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई है। हमने दिसंबर 2022 में इस जांच की शुरूआत की थी ताकि झूठे लोन ऐप्स के जरिये लोगों को हो रहे उत्पीड़न और ब्लैकमेल को रोका जा सके” ।उत्तराखंड DGP Deepam Seth ने यह भी कहा कि राज्य में अपराधमुक्त वातावरण बनाने के लिए STF और साइबर क्राइम यूनिट की भूमिका बेहद अहम है ।🖋 रिपोर्ट: स्थानीय संवाददाता🔗https://dainikprbhatvani.com/ Post Views: 196 Post navigationदिल्ली में गिरफ्तार हुआ 25 साल पहले टैक्सी चालकों की हत्या करने वाला अपराधी – शव फेंके जाते थे उत्तराखंड के जंगलों में उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर! चार जिलों में IMD का ऑरेंज अलर्ट, प्रशासन सतर्क