हरिद्वार: प्रेमिका की गला रेतकर हत्या, आरोपी प्रेमी गिरफ्तार

हरिद्वार: प्रेमिका की गला रेतकर हत्या, आरोपी प्रेमी गिरफ्तार
हरिद्वार जिले के औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल (SIDCUL) में सोमवार दोपहर उस वक्त सनसनी फैल गई जब एक युवक ने अपनी प्रेमिका की बीच सड़क पर गला रेतकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया, लेकिन हरिद्वार पुलिस ने कुछ ही घंटों में उसे गिरफ्तार कर लिया।
मृतका की पहचान 22 वर्षीय हंसिका यादव के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के सीतापुर की रहने वाली थी और हरिद्वार में एक निजी फैक्ट्री में काम कर रही थी। आरोपी युवक प्रदीप पाल (28 वर्ष) भी सीतापुर का निवासी है और दोनों पिछले चार वर्षों से प्रेम संबंध में थे। पुलिस के अनुसार, दोनों एक समय में लिव-इन रिलेशनशिप में रह चुके थे लेकिन हाल ही में अलग हो गए थे।
सोमवार दोपहर करीब 3:30 बजे नवोदय नगर क्षेत्र में दोनों की आपस में मुलाकात हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही देर में दोनों के बीच कहासुनी होने लगी और अचानक युवक ने जेब से चाकू निकालकर हंसिका के गले पर कई बार वार कर दिए। चाकू से किए गए हमलों से हंसिका वहीं सड़क पर गिर गई। स्थानीय लोग जब तक कुछ समझ पाते, आरोपी वहां से फरार हो गया।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और घायल युवती को अस्पताल पहुँचाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) द्वारा एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने CCTV फुटेज और मोबाइल सर्विलांस के आधार पर आरोपी की पहचान की और उसे कुछ घंटों के भीतर दबोच लिया।
पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी प्रेमिका के किसी अन्य युवक से संबंध होने के शक में परेशान था और इसी कारण उसने यह खौफनाक कदम उठाया। हालांकि पुलिस इस एंगल के साथ-साथ अन्य पहलुओं पर भी गहराई से जांच कर रही है।
घटना से मृतका के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। युवती के भाई ने आरोपी के खिलाफ हत्या की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया है और आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
हरिद्वार जैसी शांत मानी जाने वाली धार्मिक नगरी में हुई इस दिल दहला देने वाली घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस हत्याकांड में कोई और व्यक्ति या मानसिक दबाव भी शामिल था।
यह घटना न सिर्फ प्रेम-संबंधों में बढ़ती असहिष्णुता को उजागर करती है, बल्कि समाज के सामने यह सवाल भी खड़ा करती है कि रिश्तों में संवाद की कमी कैसे जघन्य अपराधों को जन्म दे रही है।