January 13, 2026

हरिद्वार में ऑनर किलिंग की दर्दनाक वारदात: प्रेम संबंधों से नाराज़ पिता ने बेटी को गंगनहर में धक्का देकर मार डाला

रिद्वार ऑनर किलिंग: प्रेम संबंधों से नाराज़ पिता ने बेटी को मारा
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हरिद्वार में ऑनर किलिंग की दर्दनाक वारदात: प्रेम संबंधों से नाराज़ पिता ने बेटी को गंगनहर में धक्का देकर मार डाला

 स्थान: मंगलौर, हरिद्वार, उत्तराखंड
 तारीख: 20 जुलाई 2025
रिपोर्टर: दैनिक प्रभातवाणी संवाददाता

उत्तराखंड: हरिद्वार में ऑनर किलिंग की दर्दनाक घटना — प्रेम संबंधों से नाराज़ पिता ने बेटी को गंगनहर में धक्का दिया, मौत

हरिद्वार, उत्तराखंड — उत्तराखंड के धार्मिक और शांतिपूर्ण नगर हरिद्वार में एक दिल दहला देने वाली ऑनर किलिंग की घटना सामने आई है। एक पिता ने अपनी 18 वर्षीय बेटी को प्रेम संबंधों से नाराज़ होकर गंगनहर में धक्का देकर मौत के घाट उतार दिया। यह घटना न केवल सामाजिक चेतना को झकझोरती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि समाज में ‘इज्जत’ के नाम पर आज भी बेटियों की जान ली जा रही है।

घटना का विवरण

यह घटना हरिद्वार जिले के रुड़की क्षेत्र के समीपस्थ इलाके में घटित हुई। मृतका 18 वर्षीय युवती इंटरमीडिएट की छात्रा थी और एक युवक से प्रेम करती थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, युवती अपने पिता के साथ घर से बाहर गई थी। इस दौरान गंगनहर के किनारे पिता ने पहले बेटी को समझाने का प्रयास किया और फिर अचानक उसे नहर में धक्का दे दिया। आसपास के लोगों ने शोर मचाया और पुलिस को सूचित किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।

शव की बरामदगी और पुलिस कार्यवाही

पुलिस और गोताखोरों की मदद से युवती का शव कुछ घंटों की मशक्कत के बाद नहर से बरामद कर लिया गया। प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हो गया कि यह कोई दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी। पुलिस ने पिता को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में उसने स्वीकार किया है कि वह बेटी के प्रेम संबंधों से नाराज़ था और उसे “परिवार की इज्जत” पर कलंक मानता था।

पड़ोसियों की प्रतिक्रिया

मोहल्ले वालों के अनुसार, मृतका एक समझदार और पढ़ाई में तेज लड़की थी। उसकी मां की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी और वह अपने पिता और छोटे भाई के साथ रहती थी। पड़ोसी बताते हैं कि पिता बेटी पर अकसर रोक-टोक करता था और उसे मोबाइल या बाहर जाने की स्वतंत्रता नहीं देता था। कई बार उसकी किसी लड़के से बात करने पर भी घर में विवाद होता था।

सामाजिक और कानूनी परिप्रेक्ष्य

यह घटना समाज के उस स्याह पक्ष को उजागर करती है जहाँ बेटियों की इच्छा और स्वतंत्रता को ‘इज्जत’ के नाम पर कुचला जा रहा है। भारत में ऑनर किलिंग कोई नई बात नहीं है, लेकिन यह विशेष रूप से चिंताजनक है कि एक शिक्षित राज्य और धार्मिक नगरी में भी इस प्रकार की सोच आज भी जीवित है।

कानूनी रूप से ऑनर किलिंग हत्या की श्रेणी में आता है, और इसमें आजीवन कारावास से लेकर फांसी तक की सजा हो सकती है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लेने की बात कही है और उत्तराखंड पुलिस से इस केस में त्वरित कार्यवाही करने की मांग की है।

महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया

इस घटना के बाद महिला अधिकार कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। ‘उत्तराखंड महिला मंच’ की संयोजिका सुनीता रावत ने कहा कि “आज जब देश महिला सशक्तिकरण की बात कर रहा है, ऐसे में अगर पिता ही बेटी का हत्यारा बन जाए तो यह बेहद चिंताजनक है। हमें समाज में बेटियों की स्वतंत्रता को सम्मान देना होगा।”

समाधान और चेतावनी

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक है कि—

  1. परिवारों में संवाद बढ़े।

  2. किशोरों को मनोवैज्ञानिक समर्थन मिले।

  3. लड़कियों को निर्णय लेने की स्वतंत्रता और सुरक्षा का वातावरण मिले।

  4. ऑनर किलिंग के मामलों में त्वरित न्याय और कठोर दंड दिया जाए।

 दैनिक प्रभातवाणी

हरिद्वार की यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि हम किस समाज में जी रहे हैं—जहाँ एक पिता अपनी ही बेटी की जान इसलिए ले लेता है क्योंकि वह अपने जीवन का चुनाव स्वयं करना चाहती है। यह न सिर्फ एक हत्या है, बल्कि हमारी सामाजिक संरचना, सोच और मूल्य प्रणाली पर भी बड़ा सवाल है।