Spread the loveदैनिक प्रभातवाणी | महिला सुरक्षा विशेष रिपोर्टतारीख: 28 जुलाई 2025 | स्थान: नैनीताल, उत्तराखंडनैनीताल में मतदान ड्यूटी से लौट रही महिला अधिकारी के साथ छेड़छाड़, चलती कार से कूदकर बचाई जानउत्तराखंड के नैनीताल जिले में महिला सुरक्षा को लेकर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने प्रशासनिक तंत्र और समाज को झकझोर कर रख दिया है। पंचायत चुनाव की ड्यूटी से लौट रही एक महिला अधिकारी के साथ छेड़छाड़ और जबरदस्ती का प्रयास किया गया, जिससे जान बचाने के लिए उसे चलती कार से कूदना पड़ा।घटना का विवरणमिली जानकारी के अनुसार, यह घटना तब हुई जब उक्त महिला अधिकारी मतदान ड्यूटी पूरी कर लौट रही थी। कार में सवार अन्य कर्मचारी और अधिकारी मौजूद थे, लेकिन इसी बीच एक व्यक्ति ने महिला अधिकारी के साथ अशोभनीय व्यवहार करते हुए छेड़छाड़ और जबरन दबाव डालने की कोशिश की।हालात इतने बिगड़ गए कि महिला ने आत्मरक्षा में चलती कार से छलांग लगा दी, जिससे उसे चोटें भी आईं। स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद पहुंचाई और उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।पुलिस ने शुरू की जांच, आरोपी की तलाश जारीघटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और पीड़िता का बयान दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि घटना बेहद गंभीर है और महिला की पहचान सुरक्षित रखते हुए सभी संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है।पीड़िता द्वारा दिए गए प्रारंभिक बयान के आधार पर एक नामजद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और उसकी तलाश शुरू कर दी गई है।चुनाव आयोग और प्रशासन पर उठे सवालयह मामला ऐसे समय पर सामने आया है जब पूरे राज्य में पंचायत चुनाव चल रहे हैं और सैकड़ों महिला कर्मचारी मतदान ड्यूटी पर तैनात हैं। इस घटना ने चुनाव आयोग की व्यवस्था और महिला कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।कई महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस घटना पर नाराज़गी जताते हुए मांग की है कि –मतदान ड्यूटी पर तैनात महिलाओं को विशेष सुरक्षा दी जाए,सभी वाहनों की सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित की जाए,और ऐसे मामलों में त्वरित न्याय प्रणाली लागू की जाए।राज्य महिला आयोग ने लिया संज्ञानउत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने इस घटना पर तत्काल संज्ञान लेते हुए नैनीताल प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है। आयोग की अध्यक्ष ने कहा है कि यदि संबंधित अधिकारियों या कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई, तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।महिला कर्मचारियों में भय का माहौलघटना के बाद नैनीताल और आसपास के क्षेत्रों में महिला कर्मचारियों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। कई महिलाओं ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि अगर प्रशासन ड्यूटी पर सुरक्षा नहीं दे सकता, तो उन्हें चुनाव कार्य से हटाया जाए।दैनिक प्रभातवाणी की अपीलइस प्रकार की घटनाएं सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं, समाज की सोच, प्रशासन की संवेदनशीलता और सुरक्षा व्यवस्था पर करारा तमाचा हैं।जरूरी है कि दोषी को शीघ्रता से सज़ा मिले, और राज्य में हर महिला – चाहे वह आम नागरिक हो या अधिकारी – को सुरक्षित महसूस हो। Post Views: 54 Post navigation92 मदरसों की जांच पर सख्ती: विशेष जांच दल (SIT) का गठन, कई अनियमितताओं की आशंका उत्तराखंड में स्कूल फीस घोटाला: फर्जी वेबसाइट से अभिभावकों से ठगी, STF और साइबर सेल की जांच शुरू