January 13, 2026

उत्तराखंड में अग्निवीर बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुफ्त आठ हफ्तों का प्री-भर्ती प्रशिक्षण

उत्तराखंड में अग्निवीर बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुफ्त आठ हफ्तों का प्री-भर्ती प्रशिक्षण
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देहरादून , 25 अक्टूबर 2025 /दैनिक प्रभातवाणी

उत्तराखंड में अग्निवीर बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुफ्त आठ हफ्तों का प्री-भर्ती प्रशिक्षण

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने राज्य के युवाओं के लिए अग्निवीर बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की है। गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में मुफ्त आठ हफ्तों का प्री-भर्ती प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार करना है, ताकि वे सेना में भर्ती की प्रतियोगी परीक्षाओं और फिजिकल टेस्ट में सफल हो सकें। राज्य सरकार का मानना है कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं के लिए एक ऐसा मंच तैयार करेगा, जहां वे अपने कौशल और क्षमता को निखार सकें।

प्रशिक्षण की पात्रता और नियम

इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए कुछ आवश्यक नियम और मानक तय किए गए हैं:

  • स्थानीयता: उम्मीदवार उत्तराखंड का मूल निवासी या स्थायी निवासी होना चाहिए।

  • संस्था से जुड़ाव: उम्मीदवार किसी शैक्षणिक संस्था या कार्यस्थल से जुड़े होने चाहिए।

  • आयु सीमा: न्यूनतम आयु 16 वर्ष रखी गई है।

  • शैक्षणिक मानक: हाई स्कूल में कुल 45% अंक और प्रत्येक विषय में कम से कम 33% अंक

  • पंजीकरण: जिला खेल अधिकारी या युवा कल्याण अधिकारी के कार्यालय में किया जा सकता है।

  • दस्तावेज: डॉक्टर का स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और स्पोर्ट्स किट साथ लाना अनिवार्य है।

  • शारीरिक नियम: शरीर पर कोई टैटू या स्थायी निशान नहीं होना चाहिए।

यह सुनिश्चित करता है कि प्रशिक्षण में शामिल होने वाले उम्मीदवार शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक रूप से योग्य हों।

प्रशिक्षण का संचालन और केंद्र

इस योजना के तहत प्रशिक्षण सरकारी प्रशिक्षकों द्वारा संचालित किया जाएगा। प्रशिक्षण को खुले मैदान, स्टेडियम और खेल परिसर में आयोजित किया जाएगा। गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में प्रमुख जिला खेल स्टेडियम प्रशिक्षण केंद्र के रूप में काम करेंगे। प्रशिक्षक प्रत्येक उम्मीदवार की शारीरिक क्षमता, दौड़ने की गति, शक्ति और सहनशक्ति का परीक्षण करेंगे और उसी के अनुसार व्यक्तिगत मार्गदर्शन देंगे।

प्रशिक्षण के दौरान उम्मीदवारों को निम्नलिखित गतिविधियों में भाग लेना होगा:

  • शारीरिक कसरत और दौड़: फिटनेस और सहनशक्ति बढ़ाने के लिए।

  • योग और स्ट्रेचिंग: शरीर को लचीला और मजबूत बनाने के लिए।

  • शक्ति प्रशिक्षण: धड़, हाथ-पैर और कोर मांसपेशियों के लिए।

  • टीमवर्क और सामूहिक अभ्यास: टीम भावना और नेतृत्व कौशल विकसित करने के लिए।

  • मानसिक मजबूती और स्ट्रेस मैनेजमेंट: सेना की चुनौतियों के लिए मानसिक तैयारियों पर ध्यान।

प्रशिक्षण की दिनचर्या

आठ हफ्तों के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की दैनिक दिनचर्या को इस प्रकार डिजाइन किया गया है:

  • सुबह जल्दी उठकर स्ट्रेचिंग और दौड़

  • इसके बाद शारीरिक व्यायाम और शक्ति प्रशिक्षण

  • सुबह के सत्र में योग और मानसिक फिटनेस अभ्यास

  • दोपहर में शैक्षणिक और सैद्धांतिक ज्ञान जैसे सेना के नियम, अनुशासन और नेतृत्व कौशल।

  • शाम में टीमवर्क आधारित खेल और सामूहिक गतिविधियां, जो टीम भावना और रणनीतिक सोच विकसित करें।

  • दिन का समापन ध्यान और स्ट्रेस मैनेजमेंट तकनीक के साथ।

यह प्रशिक्षण युवाओं को न केवल शारीरिक रूप से तैयार करेगा, बल्कि उन्हें मानसिक मजबूती, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर भी देगा।

प्रशिक्षण के लाभ

इस पहल से राज्य के युवाओं को कई लाभ होंगे:

  • शारीरिक फिटनेस और सहनशक्ति में सुधार।

  • सेना भर्ती परीक्षा और फिजिकल टेस्ट की तैयारी।

  • मानसिक मजबूती और आत्मविश्वास में वृद्धि।

  • टीमवर्क और नेतृत्व कौशल में विकास।

  • निजी संसाधनों की कमी वाले युवाओं के लिए मुफ्त प्रशिक्षण।

  • अनुशासन और समय प्रबंधन का प्रशिक्षण।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम से युवाओं में प्रतिस्पर्धात्मक भावना और स्वयं पर विश्वास बढ़ता है। यह उन्हें न केवल अग्निवीर बनने में मदद करेगा, बल्कि जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए भी तैयार करेगा।

पंजीकरण और आवेदन

पंजीकरण की प्रक्रिया बहुत सरल और पारदर्शी रखी गई है। इच्छुक उम्मीदवार अपने जिले के खेल अधिकारी या युवा कल्याण अधिकारी के कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकते हैं। पंजीकरण के समय डॉक्टर का स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और स्पोर्ट्स किट अनिवार्य रूप से लाना होगा। साथ ही उम्मीदवार के शरीर पर कोई टैटू या स्थायी निशान नहीं होना चाहिए।

केंद्र सरकार के MyScheme पोर्टल पर भी इस योजना की जानकारी उपलब्ध है। पोर्टल के माध्यम से उम्मीदवार प्रशिक्षण केंद्रों की सूची, पंजीकरण प्रक्रिया और अन्य आवश्यक निर्देश प्राप्त कर सकते हैं। इस पोर्टल की मदद से राज्य के दूरदराज के युवाओं तक भी जानकारी आसानी से पहुंचाई जा सकती है।

विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तराखंड यह पहल शुरू करने वाला पहला राज्य बन गया है, जिसने युवाओं को मुफ्त, व्यवस्थित और व्यापक प्रशिक्षण प्रदान किया। इससे युवाओं को अग्निवीर बनने के अवसर के साथ-साथ अनुशासन, फिटनेस और नेतृत्व क्षमता भी विकसित करने का अवसर मिलेगा।

भविष्य में लाभ

इस प्रशिक्षण के बाद युवाओं को सेना भर्ती परीक्षाओं और फिजिकल टेस्ट में सफलता पाने का बेहतर मौका मिलेगा। साथ ही यह उन्हें स्वयं पर विश्वास, अनुशासन और प्रतिस्पर्धात्मक सोच विकसित करने में मदद करेगा। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि इस पहल से हर जिले के युवा इसका लाभ उठाएं और सेना में भर्ती के लिए तैयार हों।

अंततः यह योजना उत्तराखंड के युवाओं के लिए अग्निवीर बनने के सपने को साकार करने का एक सशक्त अवसर प्रस्तुत करती है। यह पहल युवाओं के करियर और भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।