February 26, 2026

जनगणना 2026 की तैयारी शुरू, उत्तराखंड में पहले चरण की अधिसूचना जारी

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जनगणना 2026 की तैयारी शुरू, उत्तराखंड में पहले चरण की अधिसूचना जारी
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देहरादून | 25 फरवरी 2026 | दैनिक प्रभातवाणी

देहरादून। देशभर में प्रस्तावित जनगणना 2026 की तैयारियों ने अब औपचारिक रूप ले लिया है और इसी क्रम में उत्तराखंड राज्य में जनगणना के प्रथम चरण को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है। राज्य सरकार और जनगणना निदेशालय द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार प्रदेश में मकान गणना एवं सूचीकरण का कार्य 25 अप्रैल 2026 से प्रारंभ होकर 24 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस चरण को जनगणना प्रक्रिया की आधारशिला माना जा रहा है, क्योंकि इसी दौरान प्रत्येक भवन, मकान और परिवार से संबंधित प्राथमिक जानकारी संकलित की जाएगी, जो आगे की जनसंख्या गणना के लिए आधार बनेगी।

अधिसूचना के अनुसार इस बार जनगणना प्रक्रिया को अधिक आधुनिक और डिजिटल स्वरूप दिया गया है। पहली बार नागरिकों को स्वयं गणना यानी सेल्फ एन्यूमरेशन (Self Enumeration) का विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा। राज्य के निवासी 10 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 के बीच निर्धारित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी पारिवारिक और आवासीय जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। सरकार का उद्देश्य इस व्यवस्था के माध्यम से जनगणना प्रक्रिया को पारदर्शी, तेज और त्रुटिरहित बनाना है, साथ ही नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित करना है।

मकान गणना चरण के दौरान प्रशिक्षित गणनाकर्मी घर-घर जाकर भवनों की स्थिति, उपयोग, उपलब्ध सुविधाएं, परिवारों की संख्या तथा बुनियादी संरचनात्मक जानकारी एकत्र करेंगे। इसमें आवासीय और व्यावसायिक भवनों के साथ-साथ खाली पड़े मकानों और अस्थायी आवासों का भी विवरण शामिल किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार इस चरण में प्राप्त आंकड़े राज्य की भविष्य की विकास योजनाओं, शहरी नियोजन, ग्रामीण अवसंरचना और सामाजिक कल्याण योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

राज्य प्रशासन ने सभी जिलाधिकारियों को जनगणना कार्य को समयबद्ध और व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के निर्देश जारी किए हैं। इसके लिए गणनाकर्मियों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जा रहा है। डिजिटल टैबलेट और मोबाइल एप आधारित डेटा संग्रह प्रणाली का उपयोग किए जाने की संभावना जताई गई है, जिससे आंकड़ों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी।

अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना कर्मियों को सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं तथा स्वयं गणना सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करें। प्रशासन का कहना है कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े केवल सांख्यिकीय और नीतिगत उद्देश्यों के लिए उपयोग किए जाते हैं तथा व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जनगणना 2026 राज्य के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित होगी, क्योंकि इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास और आधारभूत सुविधाओं की वास्तविक आवश्यकता का आकलन संभव होगा। उत्तराखंड जैसे भौगोलिक रूप से संवेदनशील और तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ रहे राज्य के लिए सटीक जनसंख्या डेटा नीति निर्माण का प्रमुख आधार माना जा रहा है।

राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि जनगणना के अगले चरण में जनसंख्या से संबंधित विस्तृत आंकड़े एकत्र किए जाएंगे, जिसके बाद अंतिम रिपोर्ट तैयार कर केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं और सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जनगणना प्रक्रिया बिना किसी बाधा के निर्धारित समय सीमा में पूरी हो सके।

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