महिलाओं के लिए बढ़ाया गया जेंडर बजट, 19,692 करोड़ रुपये से सशक्तिकरण की नई पहल
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देहरादून | दैनिक प्रभातवाणी |

देहरादून। राज्य सरकार ने महिलाओं के समग्र विकास और सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए इस वर्ष जेंडर बजट में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। सरकार ने महिलाओं के कल्याण के लिए लगभग 19,692 करोड़ रुपये का जेंडर बजट निर्धारित किया है। इस बजट का उद्देश्य प्रदेश की महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में मजबूत आधार प्रदान करना है, ताकि वे सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।

सरकार का मानना है कि किसी भी समाज के विकास में महिलाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसी दृष्टिकोण से राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों की योजनाओं को जेंडर बजट के दायरे में शामिल किया है। इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षित वातावरण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों को मजबूत बनाने के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं, ताकि महिलाएं छोटे-छोटे व्यवसायों के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।

सरकार के अनुसार जेंडर बजट के तहत महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए छात्रवृत्ति योजनाओं और कौशल विकास कार्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, पोषण कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने और स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच को बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

रोजगार के क्षेत्र में भी महिलाओं के लिए नई संभावनाएं तैयार करने की योजना बनाई जा रही है। सरकार का कहना है कि स्वरोजगार योजनाओं, लघु उद्योगों और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जाएंगे। स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और विपणन की सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि जेंडर बजट में बढ़ोतरी से महिलाओं के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आ सकता है। यदि इन योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है तो इससे प्रदेश में महिलाओं की भागीदारी सामाजिक और आर्थिक विकास में और अधिक मजबूत हो सकती है।

राज्य सरकार का कहना है कि आने वाले समय में महिलाओं के हित में और भी नई योजनाएं शुरू की जाएंगी, ताकि प्रदेश की महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर राज्य के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें। सरकार का लक्ष्य है कि हर क्षेत्र में महिलाओं को समान अवसर मिलें और वे अपने अधिकारों के साथ आगे बढ़ सकें।