गैरसैंण बजट सत्र 2026 का तीसरा दिन: नियम 58 की चर्चा समाप्त, राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस शुरू
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गैरसैंण/भराड़ीसैण। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र 2026 का तीसरा दिन भराड़ीसैण स्थित विधानसभा भवन में शुरू हो गया है। सदन की कार्यवाही की शुरुआत प्रश्नकाल से हुई, जिसमें विभिन्न विधायकों ने सरकार से कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सवाल किए। आज के सत्र में विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण, खाद्य आपूर्ति, खेल एवं युवा कल्याण जैसे विभागों से जुड़े सवालों पर चर्चा हुई। इन विभागों की जिम्मेदारी संभाल रही कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या से विधायकों ने योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रदेश में उनके प्रभाव को लेकर कई प्रश्न पूछे।

सत्र के दौरान सबसे पहले कांग्रेस विधायक लखपत बुटोला ने चमोली जिले के दशोली क्षेत्र स्थित सेमलडाला मैदान पेपलकोटी के विस्तारीकरण का मुद्दा उठाया। इस पर जवाब देते हुए मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि फिलहाल इस मैदान के विस्तार का कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है। इसके बाद भाजपा विधायक सुरेश गड़िया ने राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने के विषय में सवाल किया। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से बताया गया कि खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं पर काम कर रही है और आने वाले समय में खेल ढांचे को और मजबूत किया जाएगा।

प्रश्नकाल के दौरान मातृ वंदना योजना को लेकर भी चर्चा हुई। डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला ने इस योजना में अपेक्षा से कम पंजीकरण होने का मुद्दा उठाया। इस पर मंत्री रेखा आर्या ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षण और योजना के कुछ विशिष्ट मानकों के कारण व्यावहारिक कठिनाइयाँ सामने आ रही हैं, जिनका समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में विधायक महेश जीना ने एपीएल और बीपीएल राशन कार्ड से जुड़े मानकों को लेकर सवाल उठाए।

कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने प्रश्नकाल के दौरान कहा कि कई क्षेत्रों में राशन कार्ड नहीं बनने के कारण लोगों को आयुष्मान कार्ड बनवाने में भी परेशानी हो रही है। उन्होंने इसे प्रदेश स्तर की नीतिगत समस्या बताते हुए सरकार से समाधान की मांग की। इस पर मंत्री रेखा आर्या ने जवाब देते हुए कहा कि राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड का सीधा संबंध नहीं है, लेकिन परिवारों के विभाजन के समय कई बार तकनीकी समस्याएँ सामने आती हैं, जिन्हें दूर करने के लिए विभाग काम कर रहा है। इस चर्चा के बाद प्रश्नकाल समाप्त हुआ।

सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भराड़ीसैण क्षेत्र में सुबह स्थानीय लोगों से मुलाकात की। प्रातःकालीन भ्रमण के दौरान उन्होंने पूर्व ग्राम प्रधान चंद्र सिंह की दुकान पर चाय पीते हुए स्थानीय नागरिकों से बातचीत की और सरकार की विभिन्न योजनाओं को लेकर उनका फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के संतुलन के साथ पहाड़ी क्षेत्रों का सुनियोजित विकास करना है, ताकि स्थानीय लोगों को सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार की बेहतर सुविधाएँ मिल सकें।

सत्र के दौरान विपक्ष ने विधानसभा भवन के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के उस बयान पर विपक्ष ने कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसमें विधानसभा भवन को अन्य आयोजनों के लिए इस्तेमाल करने की संभावना की बात कही गई थी। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने कहा कि गैरसैंण विधानसभा भवन राज्य आंदोलन और उत्तराखंड की जनता के संघर्ष का प्रतीक है। इसे शादी, बारात या कॉरपोरेट कार्यक्रमों के लिए इस्तेमाल करने की बात करना राज्य की अस्मिता का अपमान है। उन्होंने सरकार से इस विषय पर स्पष्ट रुख बताने की मांग की।

बजट सत्र के दौरान बिंदुखत्ता क्षेत्र के राजस्व ग्राम के मुद्दे को भी सदन में उठाया गया। विपक्ष ने कहा कि कई दशकों से जंगलों में रह रहे लोगों को आज भी मालिकाना हक नहीं मिल पाया है। नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि 1980 के वन संरक्षण अधिनियम के लागू होने के बाद कई क्षेत्रों को वन भूमि घोषित कर दिया गया, जबकि वहां लोग पीढ़ियों से निवास कर रहे हैं। उन्होंने 2006 के वन अधिकार कानून का हवाला देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति या समुदाय तीन पीढ़ियों यानी लगभग 75 वर्षों से वन भूमि में निवास कर रहा है तो उसे उस भूमि पर अधिकार मिलना चाहिए।

विधानसभा सत्र के दौरान नियम 58 के तहत कानून व्यवस्था और अन्य मुद्दों पर हुई चर्चा मंगलवार देर रात समाप्त हुई थी। इसके बाद भाजपा विधायकों ने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा का प्रस्ताव रखा था, जिस पर आज भी सदन में बहस जारी है। इसके अलावा विशेषाधिकार हनन के मामले में धारचूला के विधायक हरीश धामी को भी सदन में सुना जाएगा। कल उन्होंने सदन में हंगामा किया था, जिसके बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया।

आज के सत्र में विधायी कार्यों को निपटाने के बाद मुख्यमंत्री बजट पर सामान्य चर्चा का प्रस्ताव भी सदन में पेश करेंगे। माना जा रहा है कि आगामी दिनों में बजट से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तृत बहस देखने को मिल सकती है, जिसमें विपक्ष सरकार की नीतियों और योजनाओं पर सवाल उठाएगा, जबकि सरकार अपनी उपलब्धियों और योजनाओं को सामने रखेगी।

गैरसैंण विधानसभा का यह बजट सत्र राज्य की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें प्रदेश के विकास, बजट प्रावधानों और विभिन्न नीतिगत फैसलों पर विस्तृत चर्चा हो रही है। आने वाले दिनों में सदन की कार्यवाही और भी अधिक राजनीतिक रूप से गरमाने की संभावना जताई जा रही है।