Spread the loveऋषिकेश। उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन और आध्यात्मिक नगर ऋषिकेश में मौसम साफ होने के साथ ही एक बार फिर गंगा घाटों पर रौनक बढ़ने लगी है। पिछले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव और बादलों के कारण पर्यटकों की आवाजाही कम थी, लेकिन अब आसमान साफ होते ही देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। गंगा तट पर स्थित घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ देखी जा रही है, जो पवित्र गंगा में स्नान करने के साथ-साथ प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद भी ले रहे हैं।स्थानीय लोगों और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों के अनुसार मौसम साफ होने के बाद शहर में पर्यटकों की आमद में स्पष्ट वृद्धि हुई है। गंगा किनारे स्थित प्रमुख घाटों पर दिनभर पर्यटकों की गतिविधियां बढ़ी हुई दिखाई दे रही हैं। कई पर्यटक यहां योग, ध्यान और आध्यात्मिक साधना के लिए भी पहुंच रहे हैं, जिससे घाटों और आश्रमों का वातावरण फिर से जीवंत हो गया है।ऋषिकेश के होटल व्यवसायियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में होटल और गेस्ट हाउसों में बुकिंग की स्थिति बेहतर हुई है। कई होटलों में सप्ताहांत के लिए अग्रिम बुकिंग भी दर्ज की जा रही है। आश्रमों में भी साधकों और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने लगी है। पर्यटन सीजन के लिहाज से यह स्थिति स्थानीय व्यापारियों और पर्यटन उद्योग के लिए राहत देने वाली मानी जा रही है।गंगा घाटों पर शाम के समय होने वाली गंगा आरती में भी श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती दिखाई दे रही है। देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले पर्यटक आरती के दिव्य वातावरण का अनुभव करने के लिए घाटों पर बड़ी संख्या में एकत्रित हो रहे हैं। इसके साथ ही कई पर्यटक लक्ष्मण झूला, राम झूला और आसपास के प्राकृतिक स्थलों का भी भ्रमण कर रहे हैं।पर्यटन विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि मौसम अनुकूल रहने पर आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या और बढ़ सकती है। प्रशासन की ओर से घाटों और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।ऋषिकेश में बढ़ती पर्यटक गतिविधियों से स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग, टैक्सी संचालकों और छोटे व्यवसायों को भी लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। लंबे समय बाद शहर के घाटों और बाजारों में दिख रही यह चहल-पहल पर्यटन कारोबार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। Post Views: 10 Post navigationगैरसैंण बजट सत्र 2026 का तीसरा दिन: नियम 58 की चर्चा समाप्त, राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस शुरू एलपीजी संकट पर सरकार का बड़ा फैसला, अस्पतालों और स्कूलों को प्राथमिकता से मिलेगी गैस सप्लाई