एलपीजी संकट पर सरकार का बड़ा फैसला, अस्पतालों और स्कूलों को प्राथमिकता से मिलेगी गैस सप्लाई
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उत्तराखंड में इन दिनों रसोई गैस की सप्लाई को लेकर कई जिलों में परेशानी देखने को मिल रही है। गैस एजेंसियों में सिलेंडर की कमी और सप्लाई में देरी के कारण आम लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए जरूरी सेवाओं को गैस सप्लाई में प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए हैं।

सरकार की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार अब राज्य के सभी अस्पतालों, मेडिकल संस्थानों और स्कूलों को कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी। सरकार का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा संस्थानों में भोजन व्यवस्था प्रभावित न हो, इसलिए इन संस्थानों को पहले गैस उपलब्ध कराई जाएगी। इससे मरीजों और छात्रों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों से परिवहन और आपूर्ति से जुड़ी दिक्कतों के कारण कई जिलों में एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता प्रभावित हुई है। खासतौर पर पहाड़ी इलाकों में गैस की सप्लाई सामान्य से कम हो गई थी, जिसके चलते लोगों को गैस एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग ने गैस कंपनियों के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

सरकार ने गैस एजेंसियों को यह भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अस्पतालों, आंगनबाड़ी केंद्रों, छात्रावासों और स्कूलों में चल रही भोजन व्यवस्था किसी भी हालत में बाधित नहीं होनी चाहिए। इसलिए इन संस्थानों की मांग को पहले पूरा किया जाए। इसके साथ ही जिलाधिकारियों को भी स्थानीय स्तर पर गैस आपूर्ति की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी तरह की कालाबाजारी या अनियमितता को रोका जा सके।

राज्य सरकार का कहना है कि एलपीजी संकट को जल्द ही सामान्य करने के लिए गैस कंपनियों के साथ लगातार बातचीत की जा रही है। आने वाले दिनों में अतिरिक्त गैस सिलेंडर की सप्लाई बढ़ाई जाएगी ताकि आम उपभोक्ताओं को भी राहत मिल सके। अधिकारियों के अनुसार स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर और भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।