उत्तराखंड में वाणिज्यिक LPG का जिला‑वार आवंटन: सरकार ने आपूर्ति को व्यवस्थित करने के लिए नया SOP लागू किया
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देहरादून, 14 मार्च।

उत्तराखंड में इन दिनों रसोई गैस यानी एलपीजी सिलेंडरों की कमी ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राजधानी देहरादून समेत हरिद्वार, ऋषिकेश और आसपास के कई जिलों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। लोग सुबह से ही सिलेंडर लेने के लिए एजेंसियों के बाहर खड़े हो रहे हैं, लेकिन कई बार उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। अचानक बढ़ी इस कमी ने घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ छोटे कारोबारियों और होटल-ढाबा संचालकों को भी परेशानी में डाल दिया है।

गैस एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से सिलेंडरों की सप्लाई सामान्य नहीं हो पा रही है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और परिवहन व्यवस्था में आई बाधाओं के कारण गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर अब उत्तराखंड के कई शहरों में दिखाई देने लगा है। कुछ जगहों पर एजेंसियों को तय मात्रा से कम सिलेंडर मिल रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध नहीं हो पा रही है।

देहरादून और हरिद्वार में कई गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही भीड़ जमा होने लगी है। लोग अपनी बुकिंग की स्थिति जानने और सिलेंडर लेने के लिए एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि बुकिंग के कई दिन बाद भी उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। इससे घरों में खाना बनाने तक की समस्या पैदा हो रही है।

इस संकट का असर सबसे ज्यादा छोटे होटल, ढाबों और फूड स्टॉल संचालकों पर पड़ रहा है। रसोई गैस पर पूरी तरह निर्भर इन व्यवसायों को अब मजबूरी में दूसरे विकल्प तलाशने पड़ रहे हैं। कई ढाबों और छोटे रेस्टोरेंट्स ने इंडक्शन चूल्हों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है, जबकि कुछ जगहों पर लकड़ी के चूल्हों का सहारा लिया जा रहा है। हालांकि इन विकल्पों से काम चलाना आसान नहीं है, क्योंकि बिजली की उपलब्धता और लकड़ी की व्यवस्था भी चुनौती बनी हुई है।

गैस की कमी की खबर सामने आने के बाद प्रशासन भी सतर्क हो गया है। अधिकारियों ने गैस एजेंसियों और गोदामों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं ताकि कहीं भी कालाबाजारी या जमाखोरी न हो सके। कुछ जिलों में खाद्य आपूर्ति विभाग और प्रशासन की टीमों ने एजेंसियों पर निरीक्षण और छापेमारी भी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी एजेंसी द्वारा सिलेंडरों की कालाबाजारी या अवैध तरीके से बिक्री की शिकायत मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। खासकर पर्यटन सीजन के दौरान होटल और रेस्टोरेंट्स में गैस की मांग बढ़ जाती है, ऐसे में सप्लाई बाधित रहने से पर्यटन उद्योग पर भी असर पड़ सकता है।

प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और गैस कंपनियों से भी संपर्क किया गया है ताकि जल्द से जल्द सप्लाई सामान्य हो सके। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि घबराकर अतिरिक्त सिलेंडर जमा न करें और गैस का इस्तेमाल जरूरत के अनुसार ही करें, ताकि सभी उपभोक्ताओं तक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।