आबकारी नीति में बड़ा बदलाव: 50 से ज्यादा नई शराब दुकानें खोलने की तैयारी, राजस्व में होगा इजाफा
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गंगोत्री धाम से लगभग 20 किलोमीटर दूर हर्षिल‑झाला के स्थानीय लोग प्रस्तावित शराब दुकान के खिलाफ व्यापक विरोध में उतर गए हैं। स्थानीय नागरिक, गंगोत्री मंदिर समिति, और कांग्रेस कार्यकर्ता जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर इस योजना को रोकने की मांग कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शराब दुकान से क्षेत्र का सामाजिक और धार्मिक माहौल प्रभावित होगा। गंगोत्री धाम एक प्रमुख धार्मिक स्थल होने के कारण यहां पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या अधिक है, और किसी भी प्रकार की शराब की उपलब्धता से धार्मिक स्थलों की पवित्रता और पर्यटन की शांति प्रभावित हो सकती है।

ऐतिहासिक संदर्भ:
हर्षिल‑झाला और आसपास के क्षेत्र में पिछले वर्षों में भी शराब दुकानों के विरोध में प्रदर्शन होते रहे हैं। 2018 में यहां के ग्रामीणों और मंदिर समितियों ने एक प्रस्तावित शराब विक्रय केंद्र के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन और ज्ञापन दिया था, जिससे प्रशासन ने उस योजना पर रोक लगा दी थी। इसके अलावा राज्य सरकार की शराब नीति के तहत धार्मिक और पर्यटक क्षेत्रों में शराब की दुकानों के खुलने पर अक्सर स्थानीय विरोध और अनुशासनात्मक कार्रवाई होती रही है।

स्थानीय नेताओं और समिति ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन इस ज्ञापन पर तुरंत कार्रवाई नहीं करता, तो बड़ा आंदोलन और सड़क पर प्रदर्शन किया जाएगा। प्रशासन ने फिलहाल ज्ञापन प्राप्त होने और स्थिति का आकलन करने की बात कही है।

इस प्रकार हर्षिल‑झाला का यह विरोध केवल एक स्थानीय घटना नहीं, बल्कि राज्य में धार्मिक एवं पर्यटक क्षेत्रों में शराब नीति और सामाजिक-सांस्कृतिक सुरक्षा को लेकर लगातार जारी संघर्ष का हिस्सा माना जा सकता है।

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