उत्तराखंड में मौसम का बड़ा अलर्ट: कई जिलों में ऑरेंज चेतावनी, पहाड़ों में बर्फबारी से ठंड की वापसी
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देहरादून। उत्तराखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है, जिससे पूरे प्रदेश में एक बार फिर ठंड का असर देखने को मिल रहा है। राज्य के कई जिलों में खराब मौसम को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। देहरादून, रुद्रप्रयाग समेत कुल छह जिलों में तेज हवाओं, भारी बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। विभाग के अनुसार 25 मार्च तक मौसम के ऐसे ही बने रहने के आसार हैं, जिससे लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है और संबंधित जिलों में अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। खासतौर पर पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं और लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।

ऊंचाई वाले इलाकों में एक बार फिर बर्फबारी के आसार बन गए हैं। केदारनाथ, बद्रीनाथ और पिथौरागढ़ जैसे क्षेत्रों में बर्फबारी और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। इसके चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और मार्च के अंतिम सप्ताह में भी ठंड ने फिर से दस्तक दे दी है। प्रशासन ने विशेष रूप से इन क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की स्थिति को देखते हुए ही आगे बढ़ने की सलाह दी है।

मौसम में आए इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। बारिश और ओलावृष्टि के कारण फसलों को नुकसान हो सकता है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। इसके अलावा पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कों के बंद होने का खतरा भी बना हुआ है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन ने संभावित जोखिम वाले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

मार्च के अंत में जहां तापमान बढ़ने और गर्मी का असर शुरू होने की उम्मीद थी, वहीं अचानक मौसम में आए इस बदलाव ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है। एक बार फिर ठंड बढ़ने से लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है। सुबह और शाम के समय ठंड का असर अधिक महसूस किया जा रहा है, जिससे आम जनजीवन पर स्पष्ट प्रभाव देखने को मिल रहा है।

कुल मिलाकर, उत्तराखंड में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज न केवल प्राकृतिक बदलाव का संकेत है, बल्कि यह आम लोगों, किसानों और यात्रियों के लिए सतर्क रहने का समय भी है। आने वाले कुछ दिनों तक मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन और नागरिकों दोनों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है।