Spread the love देहरादून , 31 मार्च 2026: उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है और आने वाले छह दिनों तक राज्य में खराब मौसम का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इस अवधि के दौरान तेज बारिश, आंधी-तूफान, बिजली गिरने की घटनाएं और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान के बाद राज्य प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण उत्तराखंड में मौसम लगातार प्रभावित रहेगा। इसके चलते गढ़वाल और कुमाऊं दोनों मंडलों में कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। इस दौरान बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा, जिससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने जारी पूर्वानुमान में बताया है कि अगले छह दिनों तक प्रदेश के अधिकांश जिलों में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। विशेष रूप से उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जैसे ऊंचाई वाले जिलों में बर्फबारी की संभावना अधिक जताई गई है। वहीं देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर और नैनीताल के निचले क्षेत्रों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। तेज हवाओं के चलते पेड़ गिरने, बिजली लाइनों को नुकसान पहुंचने और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। खेतों में काम कर रहे किसानों को भी मौसम खराब होने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं।राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने भी सभी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं। जिलों में आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके। प्रशासन ने पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले पर्यटकों से भी विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने की संभावना को देखते हुए यात्रियों को मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।चारधाम यात्रा की तैयारियों के बीच मौसम का यह बदलाव प्रशासन के लिए भी चिंता का विषय बन गया है। हालांकि अभी यात्रा शुरू होने में समय है, लेकिन लगातार खराब मौसम के चलते पहाड़ी मार्गों पर पत्थर गिरने और सड़कें बंद होने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। इसको देखते हुए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। लोक निर्माण विभाग और सीमा सड़क संगठन को भी सड़क मार्गों पर नजर बनाए रखने को कहा गया है।मौसम खराब होने का असर किसानों पर भी पड़ सकता है। इस समय कई क्षेत्रों में गेहूं और अन्य फसलों की कटाई का समय चल रहा है। ऐसे में बारिश और तेज हवाओं से फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि कटाई की गई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें और मौसम की जानकारी पर लगातार नजर बनाए रखें। बागवानी करने वाले किसानों को भी विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना के चलते ठंड बढ़ने की भी आशंका जताई गई है। मार्च के अंतिम दिनों में तापमान में गिरावट से लोगों को ठंड का सामना करना पड़ सकता है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को गर्म कपड़ों का उपयोग करने और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार तापमान में दो से चार डिग्री तक गिरावट दर्ज की जा सकती है।पर्यटन स्थलों पर भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है। नैनीताल, मसूरी, औली और चोपता जैसे पर्यटन स्थलों पर बारिश और बर्फबारी से पर्यटकों की संख्या प्रभावित हो सकती है। हालांकि बर्फबारी देखने के लिए कई पर्यटक पहाड़ों की ओर भी रुख कर सकते हैं। प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम को देखते हुए यात्रा करें और अनावश्यक जोखिम न लें।राज्य सरकार ने भी सभी संबंधित विभागों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। बिजली विभाग को बिजली आपूर्ति सुचारू बनाए रखने और किसी भी खराबी को तुरंत ठीक करने के लिए कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। इसके अलावा पुलिस और एसडीआरएफ टीमों को भी संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है।पिछले कुछ दिनों से उत्तराखंड में मौसम सामान्य बना हुआ था और तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही थी। लेकिन पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के बाद मौसम अचानक बदल गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अप्रैल के पहले सप्ताह तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। इसके बाद धीरे-धीरे मौसम सामान्य होने की संभावना है।मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने के लिए कई सुझाव भी दिए हैं। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने, खुले स्थानों पर मोबाइल का उपयोग कम करने और बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है। इसके अलावा पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने को कहा गया है।स्कूलों और कॉलेजों को लेकर भी प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। यदि मौसम अधिक खराब होता है तो स्थानीय प्रशासन स्कूलों की छुट्टी को लेकर भी निर्णय ले सकता है। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है, लेकिन प्रशासन ने सभी संस्थानों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि बारिश से जल स्रोतों में पानी की मात्रा बढ़ेगी, जिससे गर्मियों में पानी की समस्या कुछ हद तक कम हो सकती है। हालांकि भारी बारिश से कुछ क्षेत्रों में जलभराव और भूस्खलन की समस्या भी पैदा हो सकती है। इसलिए प्रशासन ने राहत और बचाव टीमों को तैयार रखा है।प्रदेश में पिछले वर्षों में भी मार्च-अप्रैल के दौरान मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला है। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम के पैटर्न में बदलाव हो रहा है, जिससे अचानक बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में लोगों को मौसम के प्रति जागरूक रहना जरूरी है।अगले छह दिनों तक उत्तराखंड में मौसम खराब रहने की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या आपदा प्रबंधन विभाग से संपर्क करने की सलाह दी गई है।प्रदेश में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज आने वाले दिनों में लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में सावधानी और सतर्कता ही सुरक्षा का सबसे बड़ा उपाय है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले छह दिन राज्य के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे और इस दौरान सभी को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।दैनिक प्रभातवाणी अपील:मौसम खराब होने के दौरान सुरक्षित रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। Post Views: 1 Post navigationदेहरादून नारी निकेतन आत्महत्या मामला: मंत्री रेखा आर्य सख्त, सभी नारी निकेतनों में मनोचिकित्सक नियुक्त करने के निर्देश