Spread the love देहरादून, 31 मार्च 2026 : देहरादून से उत्तराखंड की जनता के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। चुनावी माहौल के बीच राज्य में बिजली दरों को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। आयोग ने बिजली कंपनियों द्वारा प्रस्तावित दर बढ़ोतरी को खारिज करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि वर्ष 2026-27 में राज्य में बिजली दरों में कोई वृद्धि नहीं की जाएगी। राजधानी देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद ने बताया कि आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना उचित नहीं समझा गया। इसी कारण दरों को स्थिर रखने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान आयोग के सदस्य (कानून) अनुराग शर्मा और सदस्य (तकनीकी) प्रभात किशोर डिमरी भी मौजूद रहे। जानकारी के अनुसार राज्य की प्रमुख बिजली कंपनियों यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और पिटकुल ने बिजली दरों में लगभग 18.50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की मांग की थी। वहीं कुछ श्रेणियों में यह प्रस्ताव 17 प्रतिशत से लेकर 40 प्रतिशत तक की वृद्धि का था। हालांकि आयोग ने इन प्रस्तावों की समीक्षा करने के बाद आम उपभोक्ताओं को राहत देने का फैसला लिया। आयोग के निर्णय के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पहले से लागू दरें ही जारी रहेंगी। गरीबी रेखा से नीचे आने वाले उपभोक्ताओं के लिए बिजली दर लगभग 1.85 रुपये प्रति यूनिट ही बनी रहेगी। इसके अलावा 0 से 100 यूनिट, 101 से 200 यूनिट, 201 से 400 यूनिट और उससे अधिक खपत वाली श्रेणियों में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। हालांकि आयोग ने कुछ श्रेणियों में संतुलन बनाने के लिए मामूली बदलाव भी किए हैं। एकल बिंदु आपूर्ति वाले उपभोक्ताओं को राहत देते हुए दर घटाकर लगभग 6.25 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है। इसके अलावा प्रीपेड मीटर उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को भी लाभ दिया गया है। प्रीपेड मीटर उपयोग करने वालों को बिजली बिल में 4 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी, जबकि अन्य उपभोक्ताओं को लगभग 3 प्रतिशत की छूट का लाभ मिलेगा। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए स्थायी शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है। साथ ही बिजली कंपनियों को बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुधारने, तकनीकी नुकसान कम करने और स्मार्ट मीटर व्यवस्था को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि चुनावी साल में यह फैसला जनता को राहत देने के साथ-साथ सरकार के लिए भी सकारात्मक संदेश देने वाला है। बढ़ती महंगाई के बीच बिजली दरों में बढ़ोतरी न होने से आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। खासकर मध्यम वर्ग और ग्रामीण उपभोक्ताओं पर इसका सीधा असर पड़ेगा। कुल मिलाकर उत्तराखंड में बिजली दरों को स्थिर रखने का यह फैसला राज्य की जनता के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। आयोग ने साफ किया है कि फिलहाल बिजली दरों में कोई वृद्धि नहीं की जाएगी और भविष्य में भी उपभोक्ताओं के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी। Post Views: 8 Post navigation देहरादून: जौलीग्रांट स्थित हिमालयन अस्पताल में युवक की बेरहमी से पिटाई, वीडियो वायरल; पुलिस जांच में जुटी चारधाम यात्रा से पहले बड़ा तोहफा: ऋषिकेश में 1105 करोड़ का 4-लेन बाईपास मंजूर, जाम से मिलेगी बड़ी राहत