Spread the loveदैनिक प्रभातवाणी | देहरादून | 3 अप्रैल 2026देहरादून में करीब 4,000 डिप्लोमा इंजीनियरों का प्रदर्शन लगातार 11वें दिन भी जारी रहा। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन ने अब राज्यव्यापी हड़ताल का रूप ले लिया है, जिससे कई सरकारी विभागों के कामकाज प्रभावित होने लगे हैं।प्रदर्शन कर रहे इंजीनियरों ने 27 मांगों को लेकर आंदोलन शुरू किया है। इनमें वेतन विसंगतियां दूर करने, पदोन्नति नीति में सुधार और पुरानी पेंशन योजना लागू करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं। इंजीनियरों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।बताया जा रहा है कि यह प्रदर्शन 23 मार्च से शुरू हुआ था, जो अब लगातार तेज होता जा रहा है। देहरादून में लोक निर्माण विभाग मुख्यालय के बाहर बड़ी संख्या में इंजीनियर धरने पर बैठे हैं, जबकि राज्य के अन्य जिलों में भी विरोध प्रदर्शन जारी है।इस आंदोलन का असर सरकारी परियोजनाओं पर भी पड़ने लगा है। विशेष रूप से लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग के कई काम प्रभावित हुए हैं। सड़क निर्माण, पुल निर्माण और अन्य विकास कार्यों में देरी की स्थिति बन गई है। चारधाम यात्रा से जुड़ी तैयारियों और अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।इधर आंदोलन के बीच इंजीनियरों के प्रतिनिधिमंडल ने वित्त सचिव दिलीप जावलकर से मुलाकात की। इस बैठक को सकारात्मक बताया गया, लेकिन इंजीनियरों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।इंजीनियरों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और वार्ता के माध्यम से समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।चारधाम यात्रा और अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं के मद्देनजर यह आंदोलन सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो राज्य के विकास कार्यों पर व्यापक असर पड़ सकता है। Post Views: 3 Post navigationउत्तराखंड में पर्यटन और आस्था का दबाव बढ़ा: चारधाम तैयारियां तेज, देहरादून में ट्रैफिक जाम, हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उत्तराखंड में 10 अप्रैल से डिजिटल जनगणना, ऐप पर देनी होगी पूरी जानकारी, 33 सवाल अनिवार्य