Spread the loveदेहरादून, 10 अप्रैल 2026 | दैनिक प्रभातवाणीउत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा 2026 को लेकर प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। यात्रा से पहले सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और यात्री सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए 10 अप्रैल को देहरादून सहित राज्य के सात जिलों में व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है। इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य संभावित आपदा स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वय व्यवस्था को मजबूत करना है, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।प्रशासन द्वारा आयोजित इस मॉक ड्रिल में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, SDRF, फायर सर्विस और अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें शामिल रहेंगी। मॉक ड्रिल के दौरान भूस्खलन, सड़क दुर्घटना, मौसम खराब होने जैसी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बचाव कार्यों का अभ्यास किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु राज्य में पहुंचते हैं, ऐसे में किसी भी संभावित जोखिम को पहले से समझकर तैयारी करना बेहद आवश्यक है।इधर चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर शासन स्तर पर लगातार समीक्षा बैठकों का दौर भी जारी है। प्रशासन ने सड़क, हेल्थ सेंटर, पार्किंग व्यवस्था, ट्रैफिक नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यात्रा मार्गों पर यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं को भी सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आपात स्थिति में तुरंत उपचार उपलब्ध कराया जा सके।चारधाम यात्रा मार्गों की मरम्मत का कार्य भी तेज कर दिया गया है। बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री मार्गों पर सड़क चौड़ीकरण, गड्ढों की मरम्मत और पुलों की मजबूती का काम तेजी से चल रहा है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को तय समय सीमा के भीतर सभी कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की भी तैयारी की जा रही है।चारधाम यात्रा को लेकर प्रशासन का फोकस इस बार विशेष रूप से यात्री सुरक्षा और सुविधाओं पर है। यात्रा मार्गों पर मेडिकल टीम, एम्बुलेंस, हेल्प डेस्क और कंट्रोल रूम स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही मौसम और यातायात की रियल टाइम निगरानी के लिए तकनीकी व्यवस्था भी मजबूत की जा रही है।अधिकारियों का कहना है कि चारधाम यात्रा राज्य की अर्थव्यवस्था और पर्यटन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने यात्रियों से भी अपील की है कि वे यात्रा से पहले पंजीकरण कराएं और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।चारधाम यात्रा 2026 से पहले हो रही यह मॉक ड्रिल और तैयारियों की समीक्षा इस बात का संकेत है कि सरकार इस बार यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह गंभीर है। Post Views: 2 Post navigationउत्तराखंड में जनगणना-2027 की शुरुआत 10 अप्रैल से, राज्यपाल गुरमीत सिंह करेंगे स्व-गणना से शुभारंभ पहाड़ों में बर्फबारी, मैदानी इलाकों में धूप, उत्तराखंड में मौसम का दोहरा असर